Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, story

फायदे का सौदा

 फायदे का सौदा जयश्री बिरमी जैसे ही मीना तैयार होने जा रही थी तो उसके छोटे से भतीजे ने पूछ …


 फायदे का सौदा

जयश्री बिरमी
जयश्री बिरमी

जैसे ही मीना तैयार होने जा रही थी तो उसके छोटे से भतीजे ने पूछ लिया,” बुआ कहां जा रही हो?” तभी उसकी भाभी नेहा ने हंस के कहा,” बेटे तेरे होने वाले फुफा आ रहे हैं तो बुआजी तैयार होने जा रही हैं।”वह कुछ समझा या नहीं पता नहीं लेकिन मुंह बिगाड़ कर चला गया।

   कुछ दिनों बाद मीना की शादी होने वाली थी तो उसके दहेज के लिए बहुत खरीदारी हो रही थी।गहनें, कपडें,बर्तन,फर्नीचर आदि की खरीदी के लिए कभी तो मीना भैया के साथ तो कभी पापा के साथ जा रही थी।छोटा ये सब देखता रहता था और कुछ प्रश्न आंखों में लिए सब की ओर देखता रहता था।फुफा के लिए जो खरीदारी हुई उसमें उसका ज्यादा ही ध्यान रहता था।शादी के दो तीन दिन रह गए थे तो सबने सोचा कि फर्नीचर आदि पहले ही भेज दिया जाएं तो जवाई बाबू को उनके पिताजी के साथ घर बुलाया गया और उनके लिए जो चैन,मुंदरी,लकी और कड़ा बनवाया था वह भी बता दिया और सारे फर्नीचर की फोटो दिखाई जा रही थी तो छोटा छोटू सब देख रहा था।जब बिदाई की बात हुई तब वह चुप नहीं रह के बोल ही पड़ा,” बिदाई तो फूफाजी की होगी न? हम बुआ भी दें,ये सब चीजें भी दें ऐसे थोड़ा ही हैं? जैसे दादाजी उन्हे इतनी चीजें दे रहें हैं तो उनके पापा को भी हमें कुछ तो देना ही चाहिए न! चीजें हम देते हैं तो फूफाजी के पापा हमें फूफाजी दे दे।” उसकी हर बात पर खुलके हंस ने वाला परिवार सन्न रह गया। सब एक दूसरे की और देखते रह गएं और वह भोला भाला बच्चा आतुरता से अपने प्रश्न का जवाब पाने के लिए होने वाले फुफा की और एक टक देखता खड़ा रह गया।

जयश्री बिरमी

अहमदाबाद


Related Posts

कहानी -सुरेश बाबू (hindi kahani)

February 24, 2022

 कहानी -सुरेश बाबू (hindi kahani)   बड़े- बूढों ने जो कहा है l वो ठीक ही तो कहा है l कि

कहानी – और, रजनीगन्धा मुरझा गये..(hindi kahani)

February 24, 2022

 कहानीऔर, रजनीगन्धा मुरझा गये..(hindi kahani)   ” पापा लाईट नहीं है, मेरी आॅनलाइन क्लासेज कैसे   होंगी… ..? ..कुछ…दिनों में मेरी सेकेंड

कहानी-आखिरी फैसला (hindi kahani)

February 24, 2022

कहानी-आखिरी फैसला (hindi kahani)   चंँदू बाबू अपने घर से अचानक गायब हो गये थें l नहीं चंँदू बाबू कोई बच्चे

कहानी -अंतिम बार

February 24, 2022

कहानी -अंतिम बार ” बाबू, ई प्योर शीशम के लकड़ी हौ l चमक नहीं देखत हौ , और हल्का कितना

कहानी-बदरंग जिंदगी (hindi kahani)

February 24, 2022

 कहानी-बदरंग जिंदगी (hindi kahani)   दामोदर को एहसास हुआ कि उसे फिर, से पेशाब लग गई है। पता नहीं उसका गुर्दा

कहानी विधुर का सिमटा दर्द (hindi kahani)

February 24, 2022

कहानीविधुर का सिमटा दर्द (hindi kahani)   आज बहुत दिनों बाद परेशभाई आए थे।वैसे तो कोई रिश्ता नहीं था हमारे साथ

PreviousNext

Leave a Comment