Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

प्रेम हमेशा रहेगा- जितेन्द्र ‘कबीर’

 प्रेम हमेशा रहेगा मजबूरियां सांसारिक हैं हमारीख़त्म हो जाएंगी देह के साथ ही,लेकिन प्रेम अमर है आत्मा की तरहरहेगा तब …


 प्रेम हमेशा रहेगा

प्रेम हमेशा रहेगा- जितेन्द्र 'कबीर'

मजबूरियां सांसारिक हैं हमारी
ख़त्म हो जाएंगी देह के साथ ही,
लेकिन प्रेम अमर है आत्मा की तरह
रहेगा तब तक जब तक है जीवन
इस ब्रह्माण्ड में कहीं पर भी,

सूख कर गिर चुके पेड़ के ठूंठ से
उग आएगा यह बिना किसी के
उगाए ही,
जहां नहीं पहुंचती इंसान की दृष्टि
खिलेगा फूल बनकर वहां
बेशक चार दिनों के लिए ही सही,

बचाए रखेगा यह अपना वजूद
भीषण गर्मी में रेगिस्तान का
मरुद्यान बनकर भी,
खोज लेगा संभावनाएं जीवन की
बर्फ से लदे सुदूर ध्रुवों पर कहीं,

फूट पड़ेगा किसी के लिए
मोह बनकर
कठोर से कठोर हृदयों में भी,
प्रलय के बाद पनपता है
जिस तरह सृष्टि में जीवन कहीं,

प्रेम के लिए ही हुआ है
सृष्टि का जन्म,
ताकतवर हों चाहे जितनी भी नफरतें 
प्रेम को कभी मिटा पाएंगी नहीं।

          जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति- अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

अब भी हिम्मत बाकी है!

August 5, 2022

अब भी हिम्मत बाकी है! मुसीबतों का भंडार है,हर तकलीफ का संहार है,अब भी तुझ में हिम्मत बाकी है,दृढ़ता तेरा

जाने के बाद।

August 5, 2022

जाने के बाद। कुछ हो जाने के बाद,उसके बारे में क्यों सोचना,कुछ खो जाने के बाद,उसे सोच कर क्यों रोना।

मन मेरा पुकारे…….

August 5, 2022

मन मेरा पुकारे……. मन मेरा पुकारे काना प्यारेकहाँ है ढिकाना हमको बता देकरनी है बातें तुझ से कब से हम

शीर्षक : लड़की और समाज

August 5, 2022

शीर्षक : लड़की और समाज लड़की का जीवनसिमटकर रह जाता है ,चौखट , चूल्हे , चौके तक । जन्म के

आज भी वो दिन हमको याद है

August 5, 2022

याद है वो दिन आज भी आज भी वो दिन हमको याद हैसर पर हमारे मोहब्बत ए ताज हैआज सीने

हजार है!/hazar hai

August 5, 2022

 हजार है! मोहब्बत की तलाश है, गम देने वाले हजार है! सच्चाई की तलाश है, झूठ बोलने वाले हजार है!

PreviousNext

Leave a Comment