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Jitendra_Kabir, poem

प्रेम रहेगा हमेशा- जितेन्द्र ‘कबीर’

प्रेम रहेगा हमेशा हम पहले इंसान नहींजो प्रेम में हैंऔर विश्वास करोकि हम आखिरी भी नहीं होंगे,नफरत, घृणा, स्वार्थ, हिंसाऔर …


प्रेम रहेगा हमेशा

प्रेम रहेगा हमेशा- जितेन्द्र 'कबीर'

हम पहले इंसान नहीं
जो प्रेम में हैं
और विश्वास करो
कि हम आखिरी भी नहीं होंगे,
नफरत, घृणा, स्वार्थ, हिंसा
और क्रूरता का यह दौर
मिटा नहीं पाएगा प्रेम को,
यह पनप उठेगा
किसी न किसी रूप में,
पनपता आया है जैसे यह
सदियों से,
हां, आज इसको अपने हृदय में
जीवित रखने की जिम्मेदारी
हमारी है,
हमारे बाद किसी और की होगी
लेकिन यह सिलसिला चलता रहेगा यूं ही
रहती दुनिया तक।

जितेन्द्र ‘कबीर’
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति-अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


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