Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

प्रधानमंत्री ( एक व्यक्तित्व )-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

 प्रधानमंत्री  ( एक व्यक्तित्व ) मोदी जी पर कविता लिखना, बहुत सरल है सरलता उनकी, बाल काल से कर्मयोगी बन …


 प्रधानमंत्री  ( एक व्यक्तित्व )

प्रधानमंत्री  ( एक व्यक्तित्व )-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

मोदी जी पर कविता लिखना,

बहुत सरल है सरलता उनकी,

बाल काल से कर्मयोगी बन ,

 चला पिता का आज्ञाकारी ।।

आज भी उनकी  कर्मभूमि,

कैसा पावन कितना व्यापक ,

यश गाथा लेकर गाता  जन ,

प्रधान सेवक का कर्म स्थल ।।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक बन कर,

यात्रा जिसकी शुरू हुई थी,

अविराम चली आई अब तक,

विराम नहीं जिसके जीवन में ।।

अहर्निश सेवा में तत्पर जो,

कृत संकल्प  लिए अपना ,

चरैवेति चरैवेति चरैवेति ,

जिनकाअपना जीवन दर्शन ।।

भारत मां का जो जिज्ञासु ,

अभिनंदन उनका करते हैं,

धरा धाम है भारत अपनी,

वंदन सब मिल करते हैं  ।।

बहुत शिकायत मोदी जी की,

उनके प्रिय पात्र कर लेते हैं ,

निंदक नियरे रख मोदी जी,

उनको हर दम आदर देते हैं।।

सब की सोच एक जैसी है,

बीवी बच्चों के लिए बताओ,

कितना संग्रह किया उसनेे ,

 गिरेबान में झांक के देखो ।।

बेशर्म भले दुनिया बन जाए,

भारत का जन जन उनका है,

एक प्रश्न है सबके जेहन में,

देश को किस-किस ने लूटा है ।।

शैल शिखर हिमाच्छादित भूमि,

उत्तराखंड के कठिन मार्ग पर ,

चिंतन यात्रा पर घूम घूम कर,

जीवन जिया है मोदी जी ने  ।।

देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों का,

भ्रमण करने का अनुभव उनका है,

कैसे आगे राष्ट्र बढ़ेगा इस चिंतन में,

 गंभीर विचारक अपना सेवक है। ।।

उनके मार्ग का अवरोधक बनकर ,

बोलो कौन खड़ा दिखता है पथ में ,

थोड़ा मिलकर चिंतन  कर  लो ,

यहां जय चंदों की कमी नहीं है ।।

देश बढ़ेगा नहीं झुकेगा है विश्वास ,

यदि देशभक्त गर दूसरा दिखता है,

यदि परिवारवाद से ग्रसित नहीं है,

कर  सम्मान गले में माला डाल ।।

सोचो समझो चिंतन कर लो ,

मिले नहीं तो निश्चय कर लो,

अब मोदी जैसा नहीं मिलेगा,

योगी का कर ले फिर इंतजार ।।

काव्य कला में पिरोया है मैंने,

तापस जीवन मोदी जी का ,

चिरायु भव प्रधान सेवक मेरे,

हमें चलना लेकर बहुत दूर है ।।

गणतंत्र हमारा सबल हाथ में,

देख रही है दुनिया इसको ,

लक्ष्यवेध है बहुत दूर तक ,

जय जय कार करें राष्ट्र की ।।

ज्ञान और संस्कार है अपना,

व्यक्तित्व  भरा जीवन दर्शन,

विश्व में इतना आदर जिसका,

भारत भूमि का कोहिनूर है ।।

मौलिक विचार
                  डॉ हरे कृष्ण मिश्र
                   बोकारो स्टील सिटी
                     झारखंड ।


Related Posts

नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है

March 4, 2023

भावनानी के भाव नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है बुजुर्गों ने कहा यह जीवन का सहारा है सामने

धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं

March 4, 2023

भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं आज के बढ़ते ट्रेंड की ओर बढ़ रहा

हे परमपिता परमेश्वर

March 4, 2023

भावनानी के भाव हे परमपिता परमेश्वर आपके द्वारा दिए इस जीवन में इन मुस्कुराहटों का हम पर एहसान है हर

हे परवरदिगार मेरे मालिक

March 4, 2023

 भावनानी के भाव हे परवरदिगार मेरे मालिक मैंने कहा गुनहगार हूं मैं  उसने कहा बक्ष दूंगा  मैंने कहा परेशान हूं

कविता: भारतीय संस्कृति में नारी | bharatiya sanskriti me naari

February 16, 2023

 भावनानी के भाव कविता:भारतीय संस्कृति में नारी  भारतीय संस्कृति में नारी  लक्ष्मी सरस्वती पार्वती की रूप होती है समय आने

वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है

February 16, 2023

 भावनानी के भाव वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है रक्षा क्षेत्र में समझौतों के झंडे गाड़ रहे

PreviousNext

Leave a Comment