Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

प्रतियोगिता | competition

प्रतियोगिता | competition प्रतिस्पर्धा एक प्रकार के उद्दीपक का कार्य करता है मनुष्य के जीवन में।जिससे मनुष्य में एक प्रकार …


प्रतियोगिता | competition

प्रतियोगिता | competition

प्रतिस्पर्धा एक प्रकार के उद्दीपक का कार्य करता है मनुष्य के जीवन में।जिससे मनुष्य में एक प्रकार से क्रियान्वित होने की प्रेरणा मिलती हैं।ये कोई तेरी साड़ी मेरी साड़ी से ज्यादा सफेद क्यों? वाली ईर्षावश हुई तुलना नहीं किंतु एक योग्य प्रकार की निरामय प्रतियोगिता हो ये आवश्यक बन जाता हैं।प्रतियोगिता का अर्थ एक योग्य विषय पर या अपने पसंदीदा विषय या चयनित विषय और योग्य व्यक्ति या कंपनी के साथ सही तरीके से, आयोजनबद्ध रीत से कुछ असूलों के साथ की गई प्रतिस्पर्धा होनी चाहिएं।
प्रतिस्पर्धा से ही प्रगति के द्वार खुलते हैं अगर वह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो।जिसमें ईर्षा भाव या किसी को मात करने से ज्यादा खुद को विजयी बनाने की स्वच्छ तमन्ना हो।प्रतिस्पर्धा दो व्यक्तियों या दो से ज्यादा व्यक्तियों के बीच,दो कॉलेजों के बीच,दो कंपनियों के बीच कभी कभी दो देशों के बीच भी हो सकती हैं।आज देखें तो पूरे विश्व में प्रतियोगिता का दौर हमेशा से चलता ही रहा था,चलता रहा हैं और चकता रहेगा।
प्रतिस्पर्धा से ही आगे बढ़ने की राह और चाह मिलती है।सब से ज्यादा महत्व तो उत्थान होता है,जैसे दो कंपनियों में किसी उत्पाद में प्रतिस्पर्धा कर बेहतर ये उत्तम कक्षा का उत्पाद बना सकते हैं।वैसे ही शिक्षा जगत में विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होना आवश्यक हैं जिससे वे आगे बढ़ते हैं,अपने लिए प्रगति का मार्ग ढूंढ पाते हैं।जो थोड़े कम लायक हैं वह भी आगे बढ़ने की प्रेरणा पा आगे बढ़ सकते हैं।हमारी खूबियों निखारने में मदद भी करती हैं।
यहीं तो प्रगति की चाबी है चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो,औद्योगिक,व्यवसाय या किसी भी क्षेत्र की बात करें सभी जगह प्रतिस्पर्धा के बिना प्रगति का होना शक्य नहीं लगता।प्रतिस्पर्धा ही प्रगति का द्वार हैं।आज के जमाने में प्रतियोगिता उत्पाद में ही नहीं इश्तहारों में भी देख सकते है।

About author  

Jayshree birimi
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद (गुजरात)


Related Posts

सही मात्रा

September 28, 2022

सही मात्रा मर जातें हैं बूंद भरमेंजी लेते हैं पी हलाहललंबी उम्र जी जाते हैंसुन तानों का जहरजहर तेरी फितरत

“घर एक मंदिर”

September 28, 2022

“घर एक मंदिर” घर एक महफ़ूज़ आशियाना होता है इंसान को सर छुपाने का। ज़िंदगी की जद्दोजहद से जूझते थका-हारा

अतिथि देवो भव

September 27, 2022

अतिथि देवो भव हर देश के लिए पर्यटन एक सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि की कुंजी है राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन

डॉलर बनाम रुपया

September 27, 2022

डॉलर बनाम रुपया ,डॉलर की मार रुपया लाचार डॉलर के आगे नतमस्तक होते रुपए से, पहले से मौजूद महंगाई डायन

मेरी बिटिया (Poem)

September 27, 2022

मेरी बिटिया मुस्कुराहट तेरी मुझे है भाती तेरी मुस्कुराहट पर वारी जातीएक मुस्कान के लिए तेरी मैंभिन्न-भिन्न तरीके से रास

एक अच्छे पड़ोसी बने लेकिन जासूसी न करे।

September 27, 2022

एक अच्छे पड़ोसी बने लेकिन जासूसी न करे। पड़ोसी देशों के रूप में, आपके घर, राज्यों आदि के रूप में

Leave a Comment