Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

प्रकृति के आंचल

 प्रकृति के आंचल डॉ. इन्दु कुमारी  प्रकृति हमारी हम प्रकृति के  सजाएंगे हम तो पाएंगे हम  लगाएंगे हम खाएंगे हम  …


 प्रकृति के आंचल

डॉ. इन्दु कुमारी
डॉ. इन्दु कुमारी

 प्रकृति हमारी हम प्रकृति के 

सजाएंगे हम तो पाएंगे हम 

लगाएंगे हम खाएंगे हम 

हरी हरी दूब पर सोएंगे हम

बोया बबूल तो 

कांटे भी पाएंगे 

लगाएंगे आम तो 

फल हमीं खाएंगे

नदिया नीर नहीं पीती 

वृक्ष फल नहीं खाते 

परोपकारी का जीवन 

उपकारी ही सदा होते 

मेहंदी रंग लाती है 

सूख जाने के बाद 

दूध में मलाई होती है

 मथने के बाद

सूर्य रोशनी फैलाते हैं 

चांद अपनी चांदनी 

इंद्रधनुष सात रंगों की

 छटा बिखरा ते 

अडिग हिमालय हमें सिखाते

अविचल होकर रहना 

आंधी तूफान भी आए 

मुसीबतों से ना घबराना 

पृथ्वी सहनशीलता की देवी 

हवाएं ताप को हरती

क्रोध अग्नि के समान 

जलती और जलाती 

प्रकृति का सानिध्य 

अपने आगोश में भरती

अपने आंचल में भरती 

यह प्रकृति बड़ी सुहानी 

करे ना हम मानव मनमानी 

दोस्ती का हाथ बढ़ाओ 

इससे भरपूर जीवन है पाओ।

     डॉ.इन्दु कुमारी 

मधेपुरा बिहार


Related Posts

चलो निकालें सप्ताह में एक दिन- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 27, 2021

चलो निकालें सप्ताह में एक दिन! चलो निकालें सप्ताह में एक दिन, जिसमें खुद का साथ हो,बस खुद से बात

नहीं चाहिए ऐसे दोस्त- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 27, 2021

नहीं चाहिए ऐसे दोस्त! दोस्ती का मतलब है, दोस्त को सही राह पर लाना, उनके साथ हंसना, रोना, पढ़ना, और

अभी पूस मनाते हैं.- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 27, 2021

अभी पूस मनाते हैं. किसी नें मुझसे कहा -दिसम्बर जा रहा है, मैंनें कहा- पूस सता रहा है..!!उसनें कहा–जनवरी आएगीहाड़

विद्यालय “स्कूल” हो गये…. -सचिन राणा “हीरो”

December 27, 2021

विद्यालय “स्कूल” हो गये…. नये भारत में विद्यालय जब से स्कूल हो गये… परेशान हैं अभिभावक मगर बच्चे कूल हो

बीती रात हो गई भोर- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 27, 2021

बीती रात हो गई भोर अंतर्मन की पूर्ण कामना, बिना तुम्हारे सभी अधूरे,एहसास हमारा अपना है,एकाकीपन जीवन अपना।। सानिध्य तुम्हारा

मर्जी उसकी-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 27, 2021

मर्जी उसकी पंख लगा उड़ने की इच्छा , मानव मन भी कर लेता है ,आशा और जिज्ञासा लेकर ,दूर गगन

Leave a Comment