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पैसे ऐंठने तक सीमित हैं- जितेन्द्र ‘कबीर

पैसे ऐंठने तक सीमित हैं साक्षात् भगवान का रूप मानतेहैं उसे,कुछ ही हैं लेकिन ऐसे,ज्यादातर ‘डाक्टर’ अंधे हुए पड़े हैंदवाई …


पैसे ऐंठने तक सीमित हैं

पैसे ऐंठने तक सीमित हैं- जितेन्द्र 'कबीर
साक्षात् भगवान का रूप मानते
हैं उसे,
कुछ ही हैं लेकिन ऐसे,
ज्यादातर ‘डाक्टर’ अंधे हुए पड़े हैं
दवाई और कमाई के कारोबार में,
उनका सेवा भाव सिर्फ
मरीजों के गैर-जरूरी टेस्ट और
गैर-जरूरी दवाईयां लिखने तक
सीमित है।

न्याय का सच्चा पैरोकार मानते
हैं उसे,
कुछ ही हैं लेकिन ऐसे,
ज्यादातर ‘वकील’ अंधे हुए पड़े हैं
झूठ के व्यापार में,
न्याय के प्रति उनकी निष्ठा सिर्फ
अपने मुवक्किलों को कानूनी पेचीदगियों
में उलझाकर पैसे ऐंठने तक
सीमित है।

भगवान का एकमात्र प्रतिनिधि मानते
हैं उसे,
कुछ ही हैं लेकिन ऐसे,
ज्यादातर ‘पंडे-पुरोहित’ अंधे हुए पड़े हैं
अंधविश्वासों के व्यापार कारोबार में,
भगवान के प्रति उनकी भक्ति सिर्फ
अपने यजमानों को सच्चे झूठे
उपाय बताकर पैसे ऐंठने तक
सीमित है।

जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति-अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


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