Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

पार्टियों में पीना पिलाना/Throw a party

 पार्टियों में पीना पिलाना/Throw a party ‘Throw a party’ एक फैशन बन गया हैं,छोटी बड़ी खुशी को मनाने के।लिए पार्टी …


 पार्टियों में पीना पिलाना/Throw a party

‘Throw a party’ एक फैशन बन गया हैं,छोटी बड़ी खुशी को मनाने के।लिए पार्टी होना जरूरी बन गया हैं।पहले कार्यों की परिपूर्ति होने पर पूजा पाठ करवाया जाता था और अब पार्टी।वह भी तीन किस्म की होती हैं,ड्राई,वेट एंड पाउडर वाली।ड्राई में तो कहने हैं खुश्क लोग ही आते हैं,उन्हे नीरस कहा जाता हैं।वेट पार्टी वालें तो सोमरस के शौकीन होते हैं।जो पी कर पार्टियों में रंग जमाने का काम करतें हैं जिसमे अभद्र भाषा और लहजों से महफिल सज जाती हैं जहां स्त्रियों की हाजरी की अवमानना कर शब्दों का प्रयोग होता हैं जिसे स्त्रियां भी खूब मजे ले कर सुनती हैं और वह वही भी करती हैं।

उसमें भी जन्मदिन की पार्टी चाहे बच्चे का ही क्यों न हो,शराब तो पारोंसी ही जाती हैं।वह भी बेहद पिएं हुओं की हरकतें राक्षस नुमा हो जाती हैं।एक स्टेट्स सिंबल– प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता हैं शराब का होना।और अगर व्यवसायिक पार्टी हुई तो अपने मेहमान को रिजा कर धंधाकीय लाभ उठाने के लिए यजमान जी जान लगा कर पिलाता हैं।शादी ब्याह की तो बात ही छोड़ो बाराती को तो छोड़ो दुलाहे के पिता और दूसरे परिवार जन भी नशे में धुत्त हो अपना आपा खो देते हैं,कभी कभी तो माराकुटी तक बात पहुंच जाती हैं,रिश्ता एनएम बनने से पहले खत्म हो जाने तक नौबत पहुंच जाती हैं।किसी को भी खाने में कोई रस नहीं होता सिर्फ पीने में ही लगे रहते हैं।

 आजकल के युवां की तो शान ही निराली हैं,बस थोडे पाउडर की पुड़िया ही पार्टी में घूम घूम कर सब का दिल बहलाती हैं जो सेहत और मानसिकता दोनों को दुश्मन हैं।हमारे देश का युवा धन ऐसे ही अप आई जवानी बरबाद कर देता हैं।जहां यू के सकारात्मक कार्य करने के दिन हैं वहां रात को शराब की पार्टी और सुबह हैंग ओवर से दिन बरबाद तो कब करेंगे कार्य जो उनकी प्रगति के लिएं जरूरी हैं।

देश और समाज के लिए कार्य करने के लिए युवानों को इन प्रदूषित आदतों से दूर रह अपना और देश का विकास हो ऐसे कार्यों में रत रहना चाहिएं।शराब ही में नशा नहीं हैं कभी अपने परिवार के साथ बैठ नई पुरानी बाते करके देखो कितना नशा हैं।किसी गरीब की मदद करके देखो कितना नशा हैं।बहुत हैं नशीली चीजें जरा ढूंढ कर तो देखो,नशा शराब में ही नहीं अच्छे कर्मों का भी होता हैं।

About author

Jayshree birimi
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद (गुजरात)

Related Posts

विजयादशम्याः पर्वणः भवतां भवतीनां च सर्वेषां कृते हार्दिक्यः शुभकामनाः

October 4, 2022

विजयादशम्याः पर्वणः भवतां भवतीनां च सर्वेषां कृते हार्दिक्यः शुभकामनाः विजयादशमी का पर्व वीरता का पूजन एवं शौर्य का उपासक रहा

जलते है केवल पुतले, रावण बढ़ते जा रहे ?

October 4, 2022

जलते है केवल पुतले, रावण बढ़ते जा रहे ? दशहरे पर रावण का दहन एक ट्रेंड बन गया है। लोग

आओ कुदरत की अद्भुत रचना पशुओं की देखभाल और उन्हें प्यार करें

October 3, 2022

आओ कुदरत की अद्भुत रचना पशुओं की देखभाल और उन्हें प्यार करें पशुओं के दर्द और पीड़ा को संवेदनशीलता से

क्यूँ हमारा देश सफ़ाई के मामले में विदेशों के मुकाबले पीछे है

October 3, 2022

 “क्यूँ हमारा देश सफ़ाई के मामले में विदेशों के मुकाबले पीछे है” सफ़ाई के मामले में हमारा देश विदेश की

कवि वास्तविक दुनिया का आईना रखते हैं।

October 3, 2022

 कवि वास्तविक दुनिया का आईना रखते हैं। कविता एक राजनीतिक कार्य है क्योंकि इसमें सच बोलना शामिल है। कवियों की

रासायनिक उर्वरकों को कम करें, धरती के घाव भरें

October 3, 2022

 रासायनिक उर्वरकों को कम करें, धरती के घाव भरें कीटनाशकों को सब्जी पर लगाया जाता है जो सीधे मानव या

Leave a Comment