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पारदर्शी जीवन!

पारदर्शी जीवन! डॉ. माध्वी बोरसे! चलो सोचे और बोले एक समान, जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,दिल से और …


पारदर्शी जीवन!

डॉ. माध्वी बोरसे!
डॉ. माध्वी बोरसे!

चलो सोचे और बोले एक समान,
जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,
दिल से और बाहर से करें सबका सम्मान,
ना करें एक दूसरे का, कभी भी अपमान!

अच्छी सोच है, हमारे लिए वरदान,
जैसे हम हैं, वैसा दिखे हमें जहान,
कहते हैं सारे, वेद, ग्रंथ और पुराण,
पवित्र हृदय का व्यक्ति ही होता है महान!

नकारात्मकता को न सुने हमारे कान,
सकारात्मकता से भर दे सारा ज्ञान,
अंदर बाहर से हो, पूर्ण रूप से बलवान,
गलत आदतों से, रहे अनजान!

अपने जीवन को दे, नई पहचान,
इंसानियत में बसती हो, हमारी जान,
रखें हमेशा, अपने चेहरे पर मुस्कान
नैतिकता से भरे हो, हमारे अरमान!

करें निंदा, अहंकार, और माया का बलिदान,
कोशिश करें, बने एक अच्छे इंसान,
बचाए निर्दोष जीव जंतुओं के प्राण,
यही है सबसे सर्वश्रेष्ठ दान!

डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)

राजस्थान (रावतभाटा)


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