Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

पर्यावरण संरक्षण

पर्यावरण संरक्षण अद्भुत सी सुंदरता है पर्यावरण में,चलो हम भी लाए, कुछ जिम्मेदारियां हमारे आचरण में,क्यों फैला रखा है हमने …


पर्यावरण संरक्षण

अद्भुत सी सुंदरता है पर्यावरण में,
चलो हम भी लाए, कुछ जिम्मेदारियां हमारे आचरण में,
क्यों फैला रखा है हमने चारों तरफ प्रदूषण,
मानवता की भलाई के लिए जरूरी है इसका संरक्षण।

चलो हम सब मिलकर करते हैं वृक्ष रोपण,
और फिर से महका देते हैं, सारा वातावरण,
इसका विनाश का कैसे बन सकते हैं हम कारण,
इसके बिना तो, समाप्त हे हमारा जीवन।

प्रकृति से ही तो है हमारा, घनिष्ठ संबंध,
इसके लिए बनाते हैं हम, और भी अधिनियम,
हमें यह देती है, वायु, जल, ऑक्सीजन व भोजन,
चलो हम सब मिलकर करते हैं, प्रदूषण पर नियंत्रण।

करते हैं हम सब मिलकर, इस खूबसूरत सी प्रकृति को नमन,
इस प्रकृति में, हर पदार्थ शुद्ध हो, चाहे वायु हो या चमन,
क्यों फैला रखा है हमने चारों तरफ प्रदूषण,
मानवता की भलाई के लिए जरूरी है इसका संरक्षण!
मानवता की भलाई के लिए जरूरी है इसका संरक्षण।

About author 

Dr madhvi borse

डॉ. माध्वी बोरसे।
प्रसिद्ध शिक्षाविद्
(स्वरचित व मौलिक रचना)


Related Posts

प्रतिष्ठा बनाए रखें।- डॉ. माध्वी बोरसे!

March 26, 2022

प्रतिष्ठा बनाए रखें। एक बार की बात है, दूर एक रेगिस्तान में, एक गुलाब था जिसे अपने सुंदरता पर बहुत

रंगबिरंगा त्यौहार!-डॉ. माध्वी बोरसे

March 26, 2022

रंगबिरंगा त्यौहार! रंगो का त्योहर हे होली,खुशियों से भरदे सबकी झोली,पकवान या मिठाई के जेसे,मीठी हो जाए सब की बोली।

अच्छे के लिए होता है !

March 26, 2022

अच्छे के लिए होता है ! राजा और मंत्री शिकार के लिए निकले, जंगल में आए, बहुत सारी झाड़ी और

दयावान बने!

March 26, 2022

दयावान बने! सोए हुए शेर के ऊपर चढ़ा चूहा,शेर उठा और हुआ आग बबूला,गुस्से में कहा, तुम्हें कौन बचाएगा,यह खूंखार

गोल्डन बुक ऑफ अर्थ में शामिल हुई दुनिया की 2100+ प्रेरक महिलाएं

March 26, 2022

 गोल्डन बुक ऑफ अर्थ में शामिल हुई दुनिया की 2100+ प्रेरक महिलाएं स्वर्ण भारत महिला सशक्तिकरण बोर्ड द्वारा पन्द्रह हज़ार

राजनीति में महिलाएं का होना महत्वपूर्ण!

March 26, 2022

 राजनीति में महिलाएं का होना महत्वपूर्ण! “यत्र   नार्यस्तु   पूज्यन्ते ,  रमन्ते  तत्र   देवताष्।”    हमारी संस्कृति   में   नारी  सदा   ही 

Leave a Comment