Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

पति – पत्नी का रिश्ता

 पति – पत्नी का रिश्ता दुनिया में बहुत से लोग पति – पत्नी के रूप में  साथ साथ रहे एक …


 पति – पत्नी का रिश्ता

pati patni ka rista by Jitendra Kabir

दुनिया में बहुत से लोग

पति – पत्नी के रूप में 

साथ साथ रहे एक छत के नीचे

बहुधा एक ही कमरे में उम्र भर,

कइयों के मन में तो 

प्रगाढ़ प्रेम बना रहा इक – दूजे के प्रति 

जिंदा रहे वो जब तलक,

लेकिन बहुत से ऐसे भी रहे

जिनके मन का मेल 

न हो पाया जीवन भर,

कुछ ऐसे भी लोग रहे

जिन्हें शुरू शुरू में बड़ा खुमार चढ़ा

एक – दूसरे का

लेकिन बाद के वर्षों में

बर्तनों की भांति बजबजाते रहे

छोटी बड़ी बातों के ऊपर,

और बहुत से ऐसे

जिन्होंने कर तो लिया अपनी

परिस्थितियों से समझौता 

सामाजिक छवि, सुरक्षा एवं लोक लाज को

मद्देनजर रखते हुए,

लेकिन कुढ़ते रहे मन ही मन वर्षों तक

अपने नसीब को कोस कोसकर,

जिनके मन मिल गये

इक दूजे से

उनके लिए तो स्वर्ग रहा इसी धरती पर,

लेकिन मिले नहीं मन जिनके

उन्होंने इस रिश्ते की खूब कीमत चुकाई

आए दिन मानसिक यंत्रणाओं

से गुजर गुजरकर।

                                      जितेन्द्र ‘कबीर’
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

कविता शब्द/kavita – shabd

October 30, 2022

कविता शब्द/kavita shabd  जब शब्द ही निशब्द हो जातें हैं दिल के भाव दिल ही में रह जातेंबातें दिलों की

खुद को खुद पढ़ जाती| khud ko khud padh pati

October 29, 2022

खुद को खुद पढ़ जाती अपनी ही जिंदगी के किस्से मैं सुनाऊं किसकोकोई अपना नहीं मेरा , अपना कह सकूं

दिवाली/Diwali

October 25, 2022

दिवाली/Diwali ! जगमगाता प्यारा सा त्यौहार,खुशियों से महके सारा परिवार,बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रचार,दीया और लाइट से चमचमाता

“सोचता हूॅं”/sochta hun

October 23, 2022

“सोचता हूॅं” सोचता हूॅं, कुछ लिख लूॅं।लिखना,दर्द को कुरेदता है; याहृदय को झकझोरता है।दोनो स्तिथियों में,आहत होता हृदय ही।जिसने प्रश्रय

खेड़े की रमणी

October 23, 2022

खेड़े की रमणी खेडे़ में रहती रमणीखेड़े में ही मिट जाती हैपितृसत्ता से बंधे हुएजीवन को जीते जीतेपतिव्रता जीवन जी

मां लक्ष्मी के आठ स्वरूप/maa -lakshmi-ke-aath-swaroop

October 23, 2022

दीपावली महोत्सव 2022 मां लक्ष्मी पूजा के उपलक्ष में मां लक्ष्मी के श्रीचरणों में समर्पित यह मेरी कविता कविता–मां लक्ष्मी

PreviousNext

Leave a Comment