Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

पड़ोसी देश के पीएम द्वारा भारत की भरपूर प्रशंसा!!!

 पड़ोसी देश के पीएम द्वारा भारत की भरपूर प्रशंसा!!!  पड़ोसी मुल्क से रिश्ते ख़राब होने के बावजूद सियासी संकट के …


 पड़ोसी देश के पीएम द्वारा भारत की भरपूर प्रशंसा!!! 

पड़ोसी देश के पीएम द्वारा भारत की भरपूर प्रशंसा!!!

पड़ोसी मुल्क से रिश्ते ख़राब होने के बावजूद सियासी संकट के चलते वहां के पीएम द्वारा भारत की पुरजोर तारीफ़!!! –  अविश्वास प्रस्ताव में पीएम हारे!!!

भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय स्तरपर वसुधैव कुटुंम्बकम्  की अवधारणा पर बल दिया – आज भारत का दुश्मन देशों में भी रुतबा!!! – एड किशन भावनानी

गोंदिया – भारत एक भिन्न-भिन्न भाषाओं, जातियों, धर्मों, संस्कृतियों वाला अनेकता में एकता का ऐसा खूबसूरत गुलदस्ता है क्योंकि जिसकी जड़ें ही हजारों वर्ष पूर्व आदि अनादि काल से प्यार मोहब्बत, पारिवारिक संस्कृति के ही सिंचित बीज बोए गए हों, जिसकी जड़ें इतनी मज़बूत और पीढ़ियों रूपी शाखाएं ऐसी खूबसूरत प्रेम वात्सल्य रूप से महक से भरी हो कि परायों को भी अपना कर देते हैं यहां तक कि दुश्मनों को भी आख़िर अपनी तारीफ़ करने पर मज़बूर कर देते हैं!!! ऐसी हैं भारत की जड़ें और उसकी शाखाएं रूपी पीढ़ियां!!! जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण है कि आज हमारे पड़ोसी मुल्क से रिश्ते बहुत ख़राब होने के बावजूद उनके पीएम हमारी तारीफों के पुल बांध रहे हैं!!! 

साथियों बात अगर हम पड़ोसी मुल्क के पीएम द्वारा भारत की तारीफों के पुल बांधने की करें तो शायद यह पहली बार होगा कि किसी सिटिंग पीएम ने अपनी कुर्सी से राष्ट्रीय संबोधन और अपने संसदीय क्षेत्र की सभा के संबोधन में भारत की विदेश नीति की तारीफ की हो!!! हालांकि सब जानते हैं कि सच्चाई कड़वी होती है, इसलिए विपक्ष ने पीएम पर, इस तारीफ़ पर जमकर शाब्दिक हमला किया है और उन्हें भारत जाने की सलाह तक दे डाली है!!! 

साथियों बात अगर हम पड़ोसी मुल्क के पीएम द्वारा भारत की भरपूर प्रशंसा की करें तो मीडिया और टीवी चैनलो में हमने देखे कि वह कह रहे हैं कि, मैं अपने पड़ोसी देश की प्रशंसा करता हूं क्योंकि उनकी हमेशा स्वतंत्र विदेश नीति रही है। आज भारत उनके (अमेरिका) गठबंधन में है और क्वाड (चतुर्भुज सुरक्षा वार्ता) का हिस्सा है। वे कहते हैं कि तटस्थ हैं। वे प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात कर रहे हैं। क्योंकि उनकी नीति लोगों की भलाई के लिए है। उन्होंने कहा कि मैं किसी के सामने नहीं झुका और न ही अपने देश को झुकने दूंगा।

उन्होंने भारत के लिए कहा कि, कोई भी महाशक्ति भारत को उसके हितों के खिलाफ़ कुछ भी करने के लिए मज़बूर नहीं कर सकती। भारत प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल खरीद रहा है। कोई भी भारत को हुक्म नहीं दे सकता है। यूरोपीय संघ के राजदूतों ने यहां जो कहा, क्या वे भारत को भी कह सकते हैं? वे इसलिए ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है।

वहीं, पड़ोसी देश में चल रही राजनीतिक अस्थिरता के बीच वहां के पीएम कई मौकों पर भारत के मुरीद हो चुके हैं। शुक्रवार को कई अखबारों के पन्नों में-30 मिनट में उन्होंने  तीन बार भारत का जिक्र किया, जैसे शीर्षक छापे गए। उन्होंने शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारत की तारीफ की, उन्होंने कहा कि भारत एक खुद्दार देश है और कोई सुपर पॉवर उन्हें आंख नहीं दिखा सकता, उनपर अपनी मर्जी नहीं चला सकता। उन्होंने अभी पड़ोसी देश के एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में भी 30 मिनट के अंदर सात बार भारत का नाम लिया और भारत की तारीफ की।

इसी पड़ोसी देश के पीएम ने इसके पहले भी हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा के एक जिले में जनसभा के दौरान भी भारत की तारीफ की थी, उन्होंने कहा था, वह पड़ोसी देश भारत की तारीफ करेंगे क्योंकि उसके पास अपनी एक विदेश नीति रही है। कहा कि, भारत क्वाड समूह का हिस्सा है और उसने अमेरिकी पाबंदियों के बावजूद रूस से कच्चा तेल आयात किया। पड़ोसी देश में चल रहे सियासी संकट के बीच वहां के पीएम द्वारा अपने भाषण में भारत की तारीफ करने पर अब नया घमासान शुरू हो गया है 

पड़ोसी देश की भविष्य करोड़ जनसंख्या की संसद में 342 सांसद हैं। यहां के पीएम को सदन में बहुमत साबित करने के लिए 172 सदस्यों की जरूरत पड़ेगी जो उनके पास नहीं है। पीएम नें अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले शुक्रवार रात देश के नाम अपने संबोधन में कहा था कि वह भारत के खिलाफ नहीं हैं और पड़ोसी देश में उनके कई प्रशंसक हैं। 

पड़ोसी मुल्क की संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हो चुकी है। पीएम के खिलाफ 174 वोट डाले गए उनकी सरकार गिर चुकी है। पीएम का विकेट डाउन!

पड़ोसी मुल्क मीडिया के हवाले सेऔर मध्यरात्रि टीवी चैनलों पर दिखाए गए समाचार के अनुसार खबर है कि पड़ोसी देश के पीएम नें हाउस छोड़ दिया है. वो अपना पूरा सामान लेकर सरकारी आवास छोड़ कर गए हैं।

साथियों बात अगर हम भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों की करें तो, पड़ोसी देशों के साथ संबंध भारत की विदेश नीति का केन्द्रीय तत्व रहा है। हमारा मानना है कि शांतिपूर्ण परिवेश से हमें विकास के अनिवार्य कार्यों पर ध्यान केन्द्रित करने में मदद मिलेगी। यह भी स्पष्ट है कि एक स्थिर एवं समृद्ध दक्षिण एशिया से भारत की समृद्धि में भी योगदान मिलेगा।

भारत न सिर्फ द्विपक्षीय तौर पर बल्कि सार्क तंत्र के ज़रिए भी मैत्री के क्षेत्रों को मजबूत बनाने और अपने पड़ोसी देशों की सुरक्षा और हित कल्याण को बढ़ावा देने के लिए आगे बढ़कर कार्य करने के लिए तैयार है। हमारा यह भी मानना है कि इस नजरिए से हम पड़ोसी देशों को अपनी-अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए व्यापक रूपरेखा उपलब्ध होगी।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि पड़ोसी देश के पीएम द्वारा भारत की भरपूर प्रशंसा!!!पड़ोसी मुल्क से रिश्ते ख़राब होने के बावजूद सियासी संकट के चलते वहां के पीएम द्वारा भारत की पुरजोर प्रशंसा की है!!! अविश्वास प्रस्ताव में पीएम हारे!!!भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय स्तरपर वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा पर बल दिया है आज भारत का दुश्मन देशों में भी रुतबा है!!! 

संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

प्रेम में सब कुछ चलता हैं(व्यंग)-जयश्री बिरमी

December 19, 2021

प्रेम में सब कुछ चलता हैं (व्यंग) पुरानी फिल्में देख कई दृश्यों का हम मजाक उड़ाते थे।हीरो ने दौड़ती गड्डी

हमारी अंतरात्मा ही हमारी सच्ची मित्र है.-तमन्ना मतलानी

December 18, 2021

नन्हीं कड़ी में…आज की बात हमारी अंतरात्मा ही हमारी सच्ची मित्र है… संसार में आया हुआ प्रत्येक व्यक्ति सांसारिक मोह-माया

अपनीं सांस्कृतिक विरासत से संपर्क बनाए रखना ज़रूरी

December 18, 2021

युवाओं को अपनीं सांस्कृतिक विरासत से संपर्क बनाए रखना ज़रूरी – अपनी मातृभाषा में बोलने पर गर्व का अनुभव होना

लहरों के मध्य हम- जयश्री बिरमी

December 17, 2021

लहरों के मध्य हम लहर एक के बारे में देखें तो वह प्रारंभिक अवस्था थी जिस में बहुत ही बुरे

दुनियां का भविष्य- जयश्री बिर्मी

December 17, 2021

 दुनियां का भविष्य एक कहानी सुनी थी जो आज के विषय के संदर्भ में सही मानी जा सकती हैं। एक

जिस पर हमे नाज हैं वो हैं हरनाज- जयश्री बिरमी

December 15, 2021

 जिस पर हमे नाज हैं वो हैं हरनाज ७० वीं मिस यूनिवर्स स्पर्धा जो इजराइल में हुई उसमे पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन

Leave a Comment