Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, Jayshree_birmi

नेताजी( व्यंग)

 नेताजी( व्यंग) Jayshree birmi पर्यावरण दिन के उपलक्ष्य में नेताजी के भाषण हेतु तैयारियां शुरू हो गई थी।नेताजी हेलीकॉप्टर से …


 नेताजी( व्यंग)

जयश्री बिरमी अहमदाबाद
Jayshree birmi

पर्यावरण दिन के उपलक्ष्य में नेताजी के भाषण हेतु तैयारियां शुरू हो गई थी।नेताजी हेलीकॉप्टर से आने वाले थे तो मैदान में हेलीपेड तैयार करने के लिए जो दो तीन छोटे पेड़ थे उनको काट दिया गया और चार पांच टैंकर से जमीन को समतल कर दी गई।अब हुई दूसरी तैयारियां,सभा में आने वालों के लिए पानी की व्यवस्था करने के लिए दो हजार छोटी पानी की बोतलों का इंतजाम किया गया । और चारों दिशाओं में आवाज पहुंच सके उसके लिए चार माइक और बहुत सारे स्पीकर लगाए गए।जब नेताजी हेलीकॉप्टर से आएं तो मिट्टी के बवंडर से पूरा मैदान भर गया। माइक से इतने जोर जोर आवाज आ रही थी कि कानों में बहरापन आ जाएं।जैसे ही सभा का समापन हुआ पूरा तो मैदान प्लास्टिक की छोटी छोटी बोतलों से पानीपत का मैदान कुरुक्षेत्र के बाद लगता था वैसा प्लास्टिक का कुरुक्षेत्र लग रहा था। वहां हवा,आवाज,पृथ्वी( मिट्टी),पेड़ का कटना,प्लास्टिक की बोटलों का फैलाना आदि सभी कुछ घटने के बाद भी प्रशंशा हो रही थी इंतजाम की।जहां देखो वहां पर्यावरण के हर सिद्धांत का हनन हो रहा था फिर भी नेताजी का पर्यावरण पर भाषण हीट रहा था।

जयश्री बिरमी

अहमदाबाद


Related Posts

इंसानियत कहां हैं?

June 24, 2022

 इंसानियत कहां हैं? Jayshree birmi 25 मई की खबर हैं ये जब इंसानियत की तौहीन कर हैवानियत ने नंगा नाच

कितनी ओर फाइलें

June 4, 2022

कितनी ओर फाइलें Jayshree birmi कश्मीर फाइल्स देखी तो दिल को बहुत ठेस पहुंची थी। जो अत्याचार अपने ही वतन

भीड़ या भीड़ का हिस्सा

June 4, 2022

 भीड़ या भीड़ का हिस्सा हम सब बीरबल की इस कहानी से सुपरिचित हैं ही। एक बार राजा अकबर अपने

लघुकथा एक मां का इंतजार

June 4, 2022

 लघुकथाएक मां का इंतजार जीवी मां ने बड़े दुःख सह कर मोहन को पढ़ाया था।20 साल की उम्र में मोहन

किसी को भी अपना सब कुछ ना समझे!

June 4, 2022

 किसी को भी अपना सब कुछ ना समझे! अक्सर हमने देखा है, कि हम सब कभी कबार यह कहते हैं,

बढ़ती आधुनिक सुविधाएं – गिरता स्वास्थ्य

June 4, 2022

 बढ़ती आधुनिक सुविधाएं – गिरता स्वास्थ्य  बढ़ती आधुनिक सुविधाओं से गिरता मानवीय स्वास्थ्य और बदलते स्वभाव को रेखांकित करना ज़रूरी 

PreviousNext

Leave a Comment