Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

ना लीजिए उधार-डॉ. माध्वी बोरसे!

ना लीजिए उधार! ना लीजिए उधार, बन जाओ खुद्दार,लाए अपनी दिनचर्या में, थोड़ा सा सुधार, अपने कार्य के प्रति, हो …


ना लीजिए उधार!

ना लीजिए उधार-डॉ. माध्वी बोरसे!
ना लीजिए उधार, बन जाओ खुद्दार,
लाए अपनी दिनचर्या में, थोड़ा सा सुधार,

अपने कार्य के प्रति, हो जाए वफादार,
मेहनत करें कोई और, कमाए पैसे चार,
उससे पैसे मांगे, उनके अपने रिश्तेदार,
ना मांगो पैसे बार-बार,
कमाने पर रखो यकीन यार,
पैसे जोड़ने के लिए निकालें कई प्रकार,
किसी की मेहनत की कमाई लेना, अच्छा नहीं आचार,
लोग उधार लेकर, गुम हो जाते हैं कई साल,
महान बनने के चक्कर में, आप भी दे देते हैं उधार,
स्वयं और स्वयं के परिवार के बारे में भी सोचे एक बार,
घर वालों को परेशानी में रख कर, धन ना बाटिए बाहर,
किसी दिन दुखियों की मदद करे आप हर बार,
पर जो लोग मेहनत कर सकते हैं, उन पर ना खर्च करो बेकार,
कभी-कभी कुछ मतलबी लोगों की मदद कर कर,
कर लेते हैं खुद को लाचार,
कुछ लोग के कभी उधार चुकाने के नहीं होते आसार,
करो ऐसी मेहनत उधार लेने की नौबत नहीं आए एक भी बार,
और अगर आप उधार लेते हो मजबूरी में,
तो वक्त पर देने के लिए भी हो जाओ तैयार,
ना वक्त पर दो, तो हे धिक्कार,
क्योंकि ऐसी हरकत कर कर,
हम लोगों की इंसानियत रहे हैं मार,
वह कभी भरोसा नहीं कर पाएगा, और नहीं दे पाएगा जरूरतमंद को उधार,
दोस्तों मेहनत से पैसे कमा कर देखो एक बार,
छोड़दो जो करते हो, रात दिन भ्रष्टाचार,
क्योंकि ऐसे पैसों से बिगड़ते हैं आचार विचार,
बनाए रखिए एक दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार,
ना हो कोई स्वार्थ, ना करें चीटिंग का प्रहार,
फिर भी आप देते हैं किसी को कोई उधार,
बयान उतारिए उनका पेपर पर एक बार,
क्योंकि जब आपको जरूरत पड़ेगी बदलते दिखते हैं लोग ज्यादातर,
आपका हक का पैसा लौटाते हैं एहसान जताकर,
किसी की मदद करनी है, तो अपनी आमदनी के हिसाब से देकर,
ना ही अपने आप को किसी मजबूरी में डालकर और ना दीजिए किसी से लेकर,
चलो ना लेते हैं ना लेंगे किसी से उधार,
मेहनत करके, कमाएंगे धन हर बार,
स्वयं को बनाए ईमानदार और खुद्दार,
लाए अपने दिनचर्या में थोड़ा सा सुधार!

डॉ. माध्वी बोरसे!
रावतभाटा (कोटा) राजस्थान !
( स्वरचित व मौलिक रचना)


Related Posts

सत्यनिष्ठा का भाव | satyanishtha ka bhav

April 3, 2023

सत्यनिष्ठा का भाव भारत की संस्कृति व मिट्टी में ही है सत्यनिष्ठा का भाव तभी तो सत्यनिष्ठा से आत्मनिर्भरता अभियान

मां गंगे की पीड़ा की वास्तविक कहानी

April 3, 2023

 मां गंगे की पीड़ा की वास्तविक कहानी गंगा उत्सव मनाने को अब  राष्ट्रव्यापी नदी उत्सव बनाएंगे  मां गंगे की पीड़ा

महावीर जन्म कल्याणक (महावीर जयंती)| mahavir jayanti

April 3, 2023

महावीर जन्म कल्याणक (महावीर जयंती) निरख निरख के रूप तुम्हारा “महावीर “दिल भरता ही नहीं, तेरे चरणों से उठकर जाने

ये ख्वाब हमारे संकल्प सामर्थ्य से पूरे होंगे

April 3, 2023

ये ख्वाब हमारे संकल्प सामर्थ्य से पूरे होंगे जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे आजादी के अमृत

महकता है घर जिसमें बच्चे बसते हैं

March 28, 2023

भावनानी के भाव महकता है घर जिसमें बच्चे बसते हैं घर की चौखट चहकती है बच्चे जब हंसते हैं महकता

बिना आवाज़ की लाठी मारी किया था भ्रष्टाचार

March 28, 2023

 भावनानी के भाव बिना आवाज़ की लाठी मारी किया था भ्रष्टाचार धन रहेगा नहीं दुखी करके निकलेगा यह भ्रष्टाचार  बच्चे

PreviousNext

Leave a Comment