Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Archana-lakhotiya, poem

नारी महिमा

नारी महिमा  चाँद की तरह शीतल है नारी।सूर्य की तरह तेजस्वी है नारी।।धरती की तरह धैर्यवान है नारी।सागर की तरह …


नारी महिमा 

नारी महिमा
चाँद की तरह शीतल है नारी।
सूर्य की तरह तेजस्वी है नारी।।
धरती की तरह धैर्यवान है नारी।
सागर की तरह है गंभीर है नारी।
हिमालय सी विशाल है नारी।
वायु सी गतिमान है नारी।
नारी यदि दादी है तो दया का अवतार है।
नारी यदि काकी है तो करुणा का भंडार है।
नारी यदि भाभी है तो भावना का समर्पण है।
नारी यदि पत्नी है तो प्यार का दर्पण है।
नारी बहन बेटी है तो सब बन्धनों का अहसास है।
नारी यदि माँ है तो साक्षात परमात्मा है।
नारी कभी हारती नहीं उसे हराया जाता है।
लोग क्या कहेंगे यह कह कर डराया जाता है।
नारी यदि ठान ले तो मौत से भी लड़ जाती है।
नाजुक है अबला नहीं बलशाली हर नारी है।
सबको जीवन देने वाली नारी है।
संस्कारों की सौगात सिखाती नारी है।
आसमान में उड़ान भरती नारी है।
समुद्र में गोता लगाते नारी है।
नारी वो एहसास है जिसके लिए शब्दों की कोई अभिव्यक्ति नही।
कर सके जो उसे पूरी तरह से व्यक्त किसी भाषा में ऐसी शक्ति नहीं।।

अर्चना लखोटिया कल्याण कॉलोनो केकड़ी 

जिला अजमेर राजस्थान
पिन 305404


Related Posts

फर्ज/farz

August 11, 2022

फर्ज कहां से लाए वह दिलों की तड़पजो थी भगत सिंघ ,राज्यगुरू और आज़ाद में अब तो सिर्फ बातें बड़ी

भाई बहन का रिश्ता!

August 11, 2022

भाई बहन का रिश्ता! कभी दोस्ती तो कभी लड़ाई,एक दूजे से ना बात छुपाई,मुसीबत में कभी भाई काम आया, तो

उड़े तिरंगा बीच नभ

August 11, 2022

उड़े तिरंगा बीच नभ आज तिरंगा शान है, आन, बान, सम्मान।रखने ऊँचा यूँ इसे, हुए बहुत बलिदान।। नहीं तिरंगा झुक

रक्षाबंधन विशेष

August 10, 2022

 नन्हीं कड़ी में…. आज की बात  रक्षाबंधन रक्षाबंधन है एक,अटूट निराला बंधन।रेशम की पवित्र डोर से,बना यह रक्षा का बंधन।। सब

तब और अब का अंतर!

August 5, 2022

तब और अब का अंतर! जब नहीं था हमारे पास अलार्म,स्वयं से याद रखते थे सारे काम,ना था मोबाइल फोन

जीवन की यात्रा!

August 5, 2022

जीवन की यात्रा! उम्मीद के दीए को जलाकर,दर्द और तकलीफ को भूलाकर,मुश्किलों को सुलझा कर,हिम्मत को खुद में समाकर,जीते जा

PreviousNext

Leave a Comment