Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

नहीं चाहिए ऐसे दोस्त- डॉ. माध्वी बोरसे!

नहीं चाहिए ऐसे दोस्त! दोस्ती का मतलब है, दोस्त को सही राह पर लाना, उनके साथ हंसना, रोना, पढ़ना, और …


नहीं चाहिए ऐसे दोस्त!

नहीं चाहिए ऐसे दोस्त- डॉ. माध्वी बोरसे!
दोस्ती का मतलब है, दोस्त को सही राह पर लाना,

उनके साथ हंसना, रोना, पढ़ना, और खाना,
उन्हें सही कार्य के लिए, हर वक्त जगाना,
कुछ लोग सोचते हैं, दोस्ती का मतलब होता है,
सिर्फ एक दोस्त को बिगाड़ना!

नहीं चाहिए ऐसी दोस्ती, जो सिर्फ मतलब से जुड़ी हो,
हर कदम, हर वक्त, सिर्फ गलत राह पर ही मुड़ी हो,
ना बनाएं ऐसे दोस्त, जिनकी राहे अच्छाइयों से जुदा हो,
उनके लिए तो सिर्फ, बुराई ही खुदा हो!

संगति ऐसी हो जो आपको निखरने दे,
ऐसी संगति ना करो, जो आपको बिखरने दे,
चाहो तो जिंदगी में कभी दोस्त ना बनाओ,
पर हर कदम, हर समय, सही राह को अपनाओ!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

बंद कमरों की घुटन-सुधीर श्रीवास्तव

May 9, 2022

 बंद कमरों की घुटन आधुनिकता की अंधी दौड़ में हमने खुद ही खुद को कैद कर लिया है कंक्रीट के

कविता डिजिटल भारत मेक इन इंडिया

May 9, 2022

कविता डिजिटल भारत मेक इन इंडिया रचनात्मक नवाचार से जुड़ा विज्ञान आम आदमी के लिए जीवन में सहजता लाता है

शोहरतों का परचम- सुधीर श्रीवास्तव

May 9, 2022

 शोहरतों का परचम शोहरतों के परचम  लहराने का गर इरादा है तो कुछ ऐसा कीजिए जो अलग हो औरों से

ज़िंदगी- सुधीर श्रीवास्तव

May 9, 2022

 ज़िंदगी वाह री जिंदगी तू भी कितनी अजीब जाने क्या क्या गुल खिलाती है कभी हंसाती, कभी रुलाती है और

कविता – ख्वाब – सिद्धार्थ गोरखपुरी

May 9, 2022

 कविता – ख्वाब  ये ख्वाब न होते तो क्या होता? झोपड़ी में रहने वाले लोग जब थोड़े व्यथित हो जाते

जलियांवाला बाग-

May 9, 2022

 जलियांवाला बाग बैशाखी का पावन दिन तारीख तेरह अप्रैल उन्नीस सौ उन्नीस एक सभा हो रही थी रौलेट एक्ट का

PreviousNext

Leave a Comment