Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

नशा मुक्ति पर कविता

 नशा मुक्ति पर कविता व्यंग्य–नशा मुक्ति अभियान जीवन का सुख उठाना हैतो खूब मजा कीजिए,जितना नशा कर सकते हैं वो …


 नशा मुक्ति पर कविता

व्यंग्य–नशा मुक्ति अभियान

Nashamukti abhiyan by Sudhir Shrivastava

जीवन का सुख उठाना है
तो खूब मजा कीजिए,जितना नशा कर सकते हैं

वो सब भरपूर कीजिए,
मरना तो आखिर एक दिन सबको है

फिर बुढ़ापे में जाकर मरें
इससे अच्छा है चलते फिरते
निपट जायें बहुत अच्छा है।

हमारी सरकार भी तो आखिर
खुल्लमखुल्ला यही चाहती है,
बेरोजगारी नशे की आड़ में
शायद कम करना चाहती है,

राजस्व पाने की चाहत इतनी
नशे का उत्पादन बंद नहीं कराती,
उल्टे नशा मुक्ति अभियान चलाती है।
नशा मौत है सबको समझाती है

नशीले उत्पादों पर देखिये
नशे के खतरे बताती है,
हमारी सरकार गंभीर है
नशे की सुविधा के साथ साथ
इलाज का भी इंतजाम करती है।

यह कैसी विडंबना है यारों
सरकार सब कुछ करती है
हमारे जीने की चिंता तो करती ही है
ये अलग बात है हमारे मरने का

कितना ख्याल भी रखती है,
नशीले उत्पादों से काफी धन कमाती है
उसी राजस्व से हमें सुविधाएं बाँटती है
कुछ भी नहीं बचा पाती है।
पर उसकी उदारता तो देखिये

इसी बहाने कम से कम
करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष
रोजगार तो उपलब्ध ही कराती है,

नशा मुक्ति अभियान में भी
खुले हाथ धन ही नहीं
कीमती समय भी खुशी खुशी
व्यर्थ में ही गँवाती है,
हमारी चिंता का बोध कराती है।

✍ सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921

©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

कविता – न मिला

September 1, 2022

कविता – न मिला एक उम्र खरच कर कुछ न मिलातुमको क्या पता सचमुच न मिलाक्या हुआ है कोई धरती

कविता – बे-परवाह जमाना

September 1, 2022

कविता – बे-परवाह जमाना ये मन अक्सर बुनता रहता है ,ख्वाबों का ताना बाना ।दिल भी अक्सर छेड़े रहता है

कविता – नयन

September 1, 2022

कविता – नयन दोनों नयन सावन बनकररिमझिम – रिमझिम बरसात करेंसमझ तनिक आता ही नहींके कितने हैं जज़्बात भरे मौन

कविता -शहर चलाता है

September 1, 2022

रिक्शा, ऑटोरिक्शा, इलेट्रिक रिक्शा चलाने वाले भाईयों को समर्पित रचना कविता -शहर चलाता है जो बिना थके सारा शहर चलाता

कविता – शिव और सावन

September 1, 2022

कविता – शिव और सावन सावन शिव हुए अवतरित धरती परसावन में निज ससुराल गएहुआ अर्घ्य और जलाभिषेक से स्वागत

सावन की बौछार

September 1, 2022

 सावन की बौछार सावन की बौछार यारतन – मन को भिगाती हैमस्त फुहारें इस सावन कीयाद किसी की दिलाती है

PreviousNext

Leave a Comment