Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

नव साहित्यकारों एसे लिखो/nav sahityakaron aise likho

नव साहित्यकारों एसे लिखो बहुत से युवा साहित्यकार बनना चाहतेक्या लिखें ? यही सोच ये उलझ ही जाते।।आओ बैठो खुद …


नव साहित्यकारों एसे लिखो

बहुत से युवा साहित्यकार बनना चाहते
क्या लिखें ? यही सोच ये उलझ ही जाते।।
आओ बैठो खुद का ही अनुभव हम बताते
बातों ही बातों में सुनो जरा हम समझाते।।

आज क्या हुआ दिन भर उसे सोच जाते
दिनचर्या को अपना विषय समझ मुस्काते
सोच नित दिनचर्या को ही कलम चलाते
देखो शब्द खुद ब खुद हमारा साथ निभाते।।

आसमां देखा तो काग़ज़ पर आसमां सजाते
चांद देखा तो महबूब कि तुलना कर जाते
सितारे देखे तो काल्पनिक में तोड़‌ ही लाते।।

पति कभी ना सुने मेरी तो दर्द लिख जाते
पति प्रेम सम्मान दिए श्रृंगार रस सजाते
काम बहुत घर में व्यस्तता सबको बताते
शब्दों का खेल हे साहित्य समझ बताते।।

नवयुवाओं आर्थिक कमाई नहीं बतलाते
शौकिया तौर मेरा लिख खुद को खुश कर जाते
उम्मीद वाहवाही कि बस सबसे लगाते
ढ़ेला कई बार तो अपनी जेब से भर जाते।।

About author 

Veena adwani
वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र


Related Posts

zindagi ka wada by Abhilekha Ambasth Gazipur

July 23, 2021

शीर्षक-जिंदगी का वादा कहीं कम तो कहीं ज्यादा, बस यही है जिंदगी का वादा,  कहीं धूप कहीं छाया,  बस यही

shabdo ki chot kavita by samay singh jaul delhi

July 23, 2021

शब्दों की चोट शब्दों की चोट जब पड़ती है।   चित्त में चेतना की चिंगारी निकलती है।।   जैसे बसंत में भी

Gazal hum tumhare hue tum hamare hue by antima singh

July 23, 2021

शीर्षक- हम तुम्हारे हुए, तुम हमारे हुए दिल की दरिया को दिल में उतारे हुए,हम तुम्हारे हुए तुम हमारे हुए।

Anant path by madhushri maharashtra

July 23, 2021

अनंत पथ ओ पथिक अनंत पथ केछोड़ उठ चल कुछ न अपनाजो भी था तेरा नहीउद्भ्रांत जग का था सपनाअब

idhar awaze bahut hai by prem prakash uttrakhand

July 23, 2021

इधर आवाजें बहुत हैं ——- चलते-फिरतेउठते-बैठतेखाते-पीतेसोते-जागतेअंदर-बाहरऊपर-नीचेइधर-उधरशायद बसासत है इन्सान रहते होंगे। क्यों…?आवाजें नही होतीखग,परिन्दोंकीट-पतंगोपेड़-पौधोंफल-फूलोंजानवरों की।या नही होती हैंगिरते झरने, बहती

Mahesh Keshari ki kavitayen

July 23, 2021

कविताएं (1) कविता..  तहरीर में पिता..  ये कैसे लोग हैं ..??  जो एक दूधमुंही नवजात बच्ची के मौत को नाटक

Leave a Comment