Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Priti Chaudhary

नव वसंत | Nav basant by priti Chaudhary

नव वसंत नव वसंत तुम लेकर आना, पतझर सा है यह जीवन। सूख चुकी है सब शाखाएँ, झरते नित ही …


नव वसंत

नव वसंत | Nav basant by priti Chaudhary

नव वसंत तुम लेकर आना,
पतझर सा है यह जीवन।
सूख चुकी है सब शाखाएँ,
झरते नित ही पात सघन।।

पाकर नेह -प्रेम के छींटे,
हरा भरा सा मन होगा।
बाँह थामकर साथ चलेंगे,
सुखमय यह जीवन होगा।।
हाथ पकड़कर चलना साथी,
तोड़ न देना यह बंधन ।
नव वसंत तुम लेकर आना,
पतझर सा है यह जीवन।।

प्रणय याचना करता है मन,
अब स्वीकृति दे दो प्रियवर ।
आकर मेरे नीरव मन को,
बना आज दो जीवित घर।
तुमसे सखा विलग कब होता,
रहता तुम में रमकर मन।।
नव वसंत तुम लेकर आना,
पतझर सा है यह जीवन।

याद करो वे प्यारी बातें,
जो हम दोनों ने की थीं।
इन पंकज नैनों से जाने,
कितनी मधुशाला पी थीं।।
आज तलक उन यादों में ही,
करती अभिलाषा विचरण।
नव वसंत तुम लेकर आना,
पतझर सा है यह जीवन।।

लेकर चूनर मर्यादा की,
मन पर रेखा खींची थी।
जड़ें गहन हैं उस तरुवर की,
हृदय-नेह से सींची थीं।।
मोह-पाश में नित्य बंधे मन,
यह है कैसा आकर्षण।
पतझर सा है यह जीवन।।

About author 

प्रीति चौधरी "मनोरमा" जनपद बुलंदशहर उत्तर प्रदेश

प्रीति चौधरी “मनोरमा”

जनपद बुलंदशहर
उत्तर प्रदेश

Related Posts

फर्ज/farz

August 11, 2022

फर्ज कहां से लाए वह दिलों की तड़पजो थी भगत सिंघ ,राज्यगुरू और आज़ाद में अब तो सिर्फ बातें बड़ी

भाई बहन का रिश्ता!

August 11, 2022

भाई बहन का रिश्ता! कभी दोस्ती तो कभी लड़ाई,एक दूजे से ना बात छुपाई,मुसीबत में कभी भाई काम आया, तो

उड़े तिरंगा बीच नभ

August 11, 2022

उड़े तिरंगा बीच नभ आज तिरंगा शान है, आन, बान, सम्मान।रखने ऊँचा यूँ इसे, हुए बहुत बलिदान।। नहीं तिरंगा झुक

रक्षाबंधन विशेष

August 10, 2022

 नन्हीं कड़ी में…. आज की बात  रक्षाबंधन रक्षाबंधन है एक,अटूट निराला बंधन।रेशम की पवित्र डोर से,बना यह रक्षा का बंधन।। सब

तब और अब का अंतर!

August 5, 2022

तब और अब का अंतर! जब नहीं था हमारे पास अलार्म,स्वयं से याद रखते थे सारे काम,ना था मोबाइल फोन

जीवन की यात्रा!

August 5, 2022

जीवन की यात्रा! उम्मीद के दीए को जलाकर,दर्द और तकलीफ को भूलाकर,मुश्किलों को सुलझा कर,हिम्मत को खुद में समाकर,जीते जा

PreviousNext

Leave a Comment