Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

नव वर्ष – डॉ. इन्दु कुमारी

नव वर्ष नववर्ष तो नववर्ष हैअंग्रेजी हो या हिन्दी मधुमय हो जीवन येनई उल्लास के साथ स्फुरण हो विलक्षण ऐतिहसिक …


नव वर्ष

नव वर्ष - डॉ. इन्दु कुमारी

नववर्ष तो नववर्ष है
अंग्रेजी हो या हिन्दी

मधुमय हो जीवन ये
नई उल्लास के साथ

स्फुरण हो विलक्षण
ऐतिहसिक हो सृजन

सृजनशीलता कसौटी
पल्लवित हो जीवन

उम्मीद के दिये सदा
कर्म के राही बने रहे

पुष्पित फलित होवें
फूलों सा सजे चमन

पूरित हो आकांक्षाएँ
ऐसा नव जीवन पाएँ

दुख की आँधिया भी
तिनका में बिखर जाए

कोरे पन्ने लिखें जल्दी
नव वर्ष तो नववर्ष है
अंग्रेजी हो या हिन्दी।

डॉ. इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

पति – पत्नी का रिश्ता

October 23, 2021

 पति – पत्नी का रिश्ता दुनिया में बहुत से लोग पति – पत्नी के रूप में  साथ साथ रहे एक

नकाब ओढ़े चेहरे

October 23, 2021

 नकाब ओढ़े चेहरे चुंकि फायदेमंद रहती हैं हिंसक व अराजक परिस्थितियां चुनावों में वोटों के ध्रुवीकरण के लिए, इसलिए ज्यादातर

हृदय के चाँद

October 23, 2021

 हृदय के चाँद                                  

Pahle se bhi jyada by Jitendra Kabir

October 23, 2021

 पहले से भी ज्यादा भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा देकर सरकार बनाने वाले लोग जब खुद ही लिप्त रहें सारा

Sharad chandra kirne by Anita Sharma

October 23, 2021

 शरद-चंद्र-किरणें* ऐ तकदीर मेरी मुझको चाँद से मिला रही। इक चाँद आसमान में इक है मेरे पास भी। सितारों ने

Sharad purinima by Dr. indu kumari

October 23, 2021

 शीर्षक–शरद पूर्णिंमा  पूनम की रात आई प्रेम की बरसात लाई राधा संग मिल गोपियां कान्हा संग रास रचाई धरा अनुपम

Leave a Comment