Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

नया संसद भवन लोकतंत्र का मंदिर |

भावनानी के भाव नया संसद भवन लोकतंत्र का मंदिर ग्रामसभा विधानसभा सांसद लोकतंत्र के मंदिर हैं इस मंदिर में श्रद्धा …


भावनानी के भाव

नया संसद भवन लोकतंत्र का मंदिर

नया संसद भवन लोकतंत्र का मंदिर | New Parliament House Temple of Democracy

ग्रामसभा विधानसभा सांसद
लोकतंत्र के मंदिर हैं इस मंदिर में
श्रद्धा की ऊंची भावना से आचरण करें
जैसे ईश्वर अल्लाह के शरण हैं

संसद भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था
का सर्वोच्च शिखर है
जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने
कानून बनाने में आवाज मुखर है

ग्रामसभा विधानसभा संसद में निर्वाचित
प्रतिनिधि की एक ही प्राथमिकता प्रखर है
लोगों के कल्याण और राष्ट्रहित काम करना है
यही संकल्प लेकर आना प्रखर है 

विचारों को लेकर डिबेट में मतभेद हो सकते हैं
कोई मतभेद इतना बड़ा नहीं हो सकता
जनसेवा के वास्तविक उद्देश्य में बाधा बने
सहयोग समाज संकल्प देश के लिए प्रखर हैं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

सहज़ता में संस्कार उगते हैं | sahajta se Sanskar ugte hai

January 23, 2023

भावनानी के भाव सहज़ता में संस्कार उगते हैं अपने आपको सहज़ता से जोड़ो सहज़ता में संस्कार उगते हैं सौद्राहता प्रेम

Mata-pita par kavita

January 19, 2023

माता-पिता में ही ईश्वर अल समाया है माता-पिता में ही ईश्वर अल् समाया है हजारों पुण्य फल माता-पिता सेवा में

मां मुझको जन्म लेने दो | maa mujhe janm lene do

January 19, 2023

मां मुझको जन्म लेने दो मां मुझको जन्म लेने दो,खुली हवा में जीने दो।भ्रूण हत्या से बचा मुझे,गर्भ के बाहर

मीठी जुबान का ऐसा कमाल है

January 19, 2023

मीठी जुबान का ऐसा कमाल है मीठी जुबान का ऐसा कमाल है कड़वा बोलने वाले का शहद भी नहीं बिकता

जाने क्यों लोग ज़लनखोरी किया करते हैं

January 19, 2023

जाने क्यों लोग ज़लनखोरी किया करते हैं साहित्यकारों लेखकों चिंतको के आर्टिकल छपते हैं गलत नीतियों कामों पर व्यंग्य कसते

beti par lekh| बेटी पर लेख

January 19, 2023

मुझे मेरी बेटी पर गर्व है बेटियां मां लक्ष्मी सरस्वती का स्वरूप है आओ समाज में फैली कुरीतियों से बेटियों

PreviousNext

Leave a Comment