Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

नया बदलाव लाए!

 नया बदलाव लाए! सिर्फ शोर ना मचाए, चलो नया बदलाव लाए, इस बेशकीमती जीवन में, कुछ कमाल करके दिखाएं! बदलाव …


 नया बदलाव लाए!

नया बदलाव लाए!

सिर्फ शोर ना मचाए,

चलो नया बदलाव लाए,

इस बेशकीमती जीवन में,

कुछ कमाल करके दिखाएं!

बदलाव एक बेहतरीन अवसर,

दुनिया को देखने की नई नजर,

बिना बदलाव के असंभव है,

जीवन में ऊंचाई के शिखर!.

चलो शोभिनीय दुनिया बनाएं,

इंसानियत का पाठ समझाएं,

छोड़ें भेदभाव एवं असमानता,

खुल के पवित्र ह्रदय से मुस्कुराए!

कमजोर व्यक्ति बदलाव से जाता है डर,

प्रकृति हर पल परिवर्तन रही है कर,

जिंदगी, सोच, स्वयं में लाए बदलाव,

हम भी प्रकृति की तरह हो जाए निडर!!

डॉ. माध्वी बोरसे!

(स्वरचित व मौलिक रचना)

राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

कविता – न मिला

September 1, 2022

कविता – न मिला एक उम्र खरच कर कुछ न मिलातुमको क्या पता सचमुच न मिलाक्या हुआ है कोई धरती

कविता – बे-परवाह जमाना

September 1, 2022

कविता – बे-परवाह जमाना ये मन अक्सर बुनता रहता है ,ख्वाबों का ताना बाना ।दिल भी अक्सर छेड़े रहता है

कविता – नयन

September 1, 2022

कविता – नयन दोनों नयन सावन बनकररिमझिम – रिमझिम बरसात करेंसमझ तनिक आता ही नहींके कितने हैं जज़्बात भरे मौन

कविता -शहर चलाता है

September 1, 2022

रिक्शा, ऑटोरिक्शा, इलेट्रिक रिक्शा चलाने वाले भाईयों को समर्पित रचना कविता -शहर चलाता है जो बिना थके सारा शहर चलाता

कविता – शिव और सावन

September 1, 2022

कविता – शिव और सावन सावन शिव हुए अवतरित धरती परसावन में निज ससुराल गएहुआ अर्घ्य और जलाभिषेक से स्वागत

सावन की बौछार

September 1, 2022

 सावन की बौछार सावन की बौछार यारतन – मन को भिगाती हैमस्त फुहारें इस सावन कीयाद किसी की दिलाती है

PreviousNext

Leave a Comment