Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है

भावनानी के भाव नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है बुजुर्गों ने कहा यह जीवन का सहारा है सामने …


भावनानी के भाव

नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है

बुजुर्गों ने कहा यह जीवन का सहारा है
सामने वाले से कहो तुम अज्ञानी नहीं हो
मैं ज्ञानी नहीं हूं जीत पल तुम्हारा है
नम्र बनके रहो खुशहाल पल तुम्हारा है

मैं मैं का विकार अज्ञान का ढारा है
नम्रता गहना ज्ञान का सहारा है
ज्ञानी को अज्ञानीं से भी ज्ञान का
गुण लेना गुणवत्ता का सहारा है

बड़े बुजुर्गों के जीवन का हमें अटूट सहारा है
बड़े बुजुर्गों ने अहंकार पर तीर मारा है
कहावतों में ज्ञान बहुत सारा है
नीवां होके ग्रहण करो ज्ञान तुम्हारा है

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 

Related Posts

खदेड़ा होबे!, खेला होबे!!, फर्क साफ़ है!!!

February 4, 2022

खदेड़ा होबे!, खेला होबे!!, फर्क साफ़ है!!! नए प्रौद्योगिकी भारत में मतदाता हर मुहावरे का अर्थ समझने में सक्षम!!! पांच

थर्मल प्रबंधन

February 4, 2022

थर्मल प्रबंधन सामान्य बसों, स्कूल बसों में अग्नि चेतावनी प्रणाली और अग्नि सुरक्षा प्रणाली के लिए अधिसूचना जारी बसों में

खुद को परख-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

खुद को परख! करके दिखा तू सोच मत, इतनी सी बात तू दिल में रख,जज्बा हो तुझ में जबरदस्त,खुद को

काश!!! बचपन के वह दिन लौट आएं

February 4, 2022

कविताकाश!!! बचपन के वह दिन लौट आएं बचपन के दिन कितने सुहाने थे काश कभी ऐसा करिश्मा भी हो जाए

बजट-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

बजट! अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार की वित्तीय योजना,इसके जरिए यह है सरकार को सोचना,अपने राज्य की तुलना में,सरकार

माता-पिता-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

माता-पिता मेरे आदरणीय, प्यारे माता-पिताआपका प्रेम, मेरी जिंदगी है,आप दोनों ही, मेरी बंदगी है! आप ही मेरे माता-पिता हो, हर

Leave a Comment