Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

धैर्य | dhairya

धैर्य बचपन से सुनते आएं हैं धैर्य से काम लो तो फल जरूर मिलेंगे।आजकल के ज़माने में धैर्य खत्म होता …


धैर्य

धैर्य | dhairya

बचपन से सुनते आएं हैं धैर्य से काम लो तो फल जरूर मिलेंगे।आजकल के ज़माने में धैर्य खत्म होता जा रहा हैं।कुछ तो जमाने में हर जगह ’स्पीड’ –झड़प कह सकते हैं उसकी अतिशयोक्ति आ गई है।देखें तो वाहन,पहले के जमाने में पैदल या तांगा वे बैलगाड़ी में यात्रा करते थे।क्या करते थे उस समय के दौरान मुसाफिर? अगर अकेला मुसाफिर होता था तो विविध विषय पर मनन किया करता था,और साथ कोई हमसफर होता था तो विचार विमर्श,कोई चर्चा जो कोई सामाजिक, राजकीय या धार्मिक मुद्दों पर हुआ करती थी।फिर आईं बस और रेल गाड़ी जो थोड़ी ज्यादा झड़प से पहुंचा दिया करती थी किंतु तब भी ये विमर्श या चर्चा हुआ करती थी।हवाई जहाजों में काम समय की यात्रा होने से अपने सहयात्री से पहचान होते होते ही यात्रा खत्म हो जाती है तो विमर्श या चर्चा का सवाल ही नहीं उठता।
पहले जो चर्चाएं हुआ करती थी वह दिमागी व्यायाम था जो आजकल मोबाइल की वजह से खत्म हो गई हैं।सब कुछ गुगल से मिल जाता हैं माना किंतु क्या जो आप पढ़ रहे हैं उसकी सत्यता कितनी हैं ये सवाल हैं।वहां पोस्ट करने वाला उस विषय का कितना ज्ञान रखता है या सुनी सुनाई बात या सिर्फ अपने एस अभिप्राय को सत्य साबित करने के लिए लिख रहा है ये हमें पता नहीं हैं।ऐसी ही मानसिकता फेस बुक या वॉट्स ऐप पर भी देखने मिलता हैं।जैसे काफी में कुछ दूसरे द्रव्यों को मिला कर बालों में लगाने से सफेद बाल सदा के लिए काले हो सकते है।क्या आप इस बात से सहमत हैं? शायद ऐसी वीडियो पोस्ट करने वाला खुद सहमत नहीं होगा लेकिन लाइक्स और कमेंट्स की लालसा में पोस्ट कर देते हैं।ये अलग बात हैं किंतु धैर्य का हनन करने वाला ये यंत्र मानसिक नुकसान की करते हैं अगर सही समय और सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाते है हम।इस में सही उम्र का भी खयाल रखना चाहिए,बच्चों के हाथ में ये यंत्र बहुत ही नुकसानदेह साबित हो सकता हैं।
धैर्य का कम होते जाने से आत्मविश्वास भी कम करता हैं।जैसे हम जब पेन ये पेंसिल से लिखते थे तो सोच समझ कर लिखते थे,वैसे ही टाइप राइटर में भी ध्यान रखते थे वरना पेपर निकम्मा हो जायेगा दुबारा टाइप करना पड़ेगा ऐसे डर से चौकन्ना रहते थे।किंतु आज की बोर्ड पर एक दम फटाफट उंगली घुमाते हैं पता है न डिलीट बिना किसी दाग के हो जाना हैं।तो यहां भी धैर्य कम हो लापरवाही आ जाएगी।
वैसे धीरे धीरे धैर्य कम होते होते किस मकाम पर आएगा ये पता नहीं किंतु उसका रिश्तों के रखरखाव पर बड़ा असर पड़ता हैं।जब हम दैविक शक्तियों के साथ धैर्य रखते हैं,कुतर्कों से बचे रहते हैं तभी हम धर्म पर विश्वास रख पाएंगे। वैसे ही अपने आप के साथ धैर्य रखने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती हैं।कोई भी काम पूर्ण आत्मविश्वास से करते है वह शुरू ने ही आधा सफल हो जाता हैं।दूसरों के साथ रखा गया धैर्य दूसरों के प्रति सम्मान का प्रतीक हैं।और सबसे ज्यादा अपनों के साथ,माता,पिता,पत्नी बच्चें या दूसरे रिश्तेदारों से रखा गया धैर्य उनके प्रति प्रेम का प्रतीक बन जाता हैं।
अगर सब ही रिश्तों को न्याय देने के हिसाब से जीवन व्यतीत करना हैं तो धैर्य का होना अति आवश्यक हैं।धैर्य पाने के लिए भी धैर्य रखना जरूरी हो जाता हैं।आभासी दुनिया को पहचान सीमित प्रयोग अति आवश्यक बन जाता है।

About author  

Jayshree birimi
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद (गुजरात)


Related Posts

विवाह/mariage

November 5, 2022

विवाह बहुत दिनों बाद अपनी सखी के घर गई थी मैं,बेटी की शादी की बधाई भी देनी थी और मौसीजी

शासकीय कार्यों में लापरवाही के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई में तेजी लाना समय की मांग

November 5, 2022

लापरवाही शासकीय कार्यों में लापरवाही के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई में तेजी लाना समय की मांग स्थाई सुशासन लाने का मूलमंत्र

भारत में मुद्रा का डिजिटलीकरण/bharat me mudra ka digitalikaran

November 5, 2022

भारत में मुद्रा का डिजिटलीकरण भारतीय मुद्रा का आना से लेकर ई-रुपया तक का दिलचस्प सफ़र डिजिटल रुपया (ई-रुपया) प्रणाली

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस /bhrastachar par zero tolerance

November 5, 2022

 भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस  भ्रष्टाचार के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई का समय आ गया है  भ्रष्टाचार की समृद्ध जमीन को

आओ मिलीभगत छोड़ सत्यनिष्ठा ईमानदारी से अपने पद की जवाबदेही निभाने की शपथ लें

November 1, 2022

 मिली भगत – सांठगांठ  आओ मिलीभगत छोड़ सत्यनिष्ठा ईमानदारी से अपने पद की जवाबदेही निभाने की शपथ लें  शासकीय कार्यों

धीमी गति से चलता न्याय का पहिया/dheemi gati se chalta nyay ka pahiya

November 1, 2022

धीमी गति से चलता न्याय का पहिया  न्यायपालिका के लिए छुट्टियों की संस्कृति को बंद किया जाना चाहिए? अवकाश की

Leave a Comment