Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Ankur_Singh, poem

धरनी धर्म निभाना

धरनी धर्म निभाना साथ तेरा मिला जो मुझको,बिछड़ मुझसे अब न जाना।वपु रूप में बसों कही भी,चित्त से मुझे न …


धरनी धर्म निभाना

धरनी धर्म निभाना

साथ तेरा मिला जो मुझको,
बिछड़ मुझसे अब न जाना।
वपु रूप में बसों कही भी,
चित्त से मुझे न बिसराना।।

साथ तुम्हारा मुझे मिला है,
हर जन्म में इसे निभाना।
कहे जमाना कुछ भी हमको
त्याग मुझे तुम न जाना।।

सुख दुःख और कहासुनी से,
मुझसे तुम न अमर्ष होना।
हालात रहें जैसे भी जग के,
मुझसे फिर न विमुख होना।।

स्वत्व संग बहुतेरे फ़र्ज मेरे है,
उनको निभाने मुझे तुम देना।
श्वास रहें जब तक इस तन में,
संग प्रिये मेरे तुम भी रह लेना।।

सात फेरों का परिणय नहीं,
सात वचनों का हमारा बंधन।
हरपल बना रहे साथ यूँही,
करबद्ध करूं ईश से वंदन।।

चार दिन की सौगात जिंदगी,
हर जन्म में बस तुम्हें है पाना।
प्रेम बाहों में लिपटी तुम मुझसे ,
धरनी धर्म हर जन्म निभाना।।

About author 

अंकुर सिंह
अंकुर सिंह
हरदासीपुर, चंदवक
जौनपुर, उ. प्र.

Related Posts

अब न स्वांग रचो| Ab na swang racho

November 13, 2022

अब न स्वांग रचो| Ab na swang racho  जो सच है वह सच है खुलकर इसको स्वीकार करो ,झूठ का

व्यंग्य कविता-किसी को बताना मत|kisi ko batana mat

November 13, 2022

व्यंग्य कविता-किसी को बताना मत बड़े बुजुर्गों की कहावत सच है कि हाथी के दांत दिखाने खाने के और हैं

बच्चों में भगवान बसते हैं/ children day special

November 8, 2022

यह कविता 14 नवंबर 2022 बाल दिवस के उपलक्ष में, बच्चों पर आधारित कविता है   कविता बच्चों में भगवान बसते

कॉकरोच/cockroach

November 8, 2022

शीर्षक – कॉकरोच(cockroach) डियर कोकरोच, तुम इतना क्यों सताते हो ? मालिकाना हक है क्या तुम्हारा ? जो इतराते हो?

एक-नेक हरियाणवी!!/ek nek Hariyanvi

November 5, 2022

एक-नेक हरियाणवी!! धर्म-कर्म का पालना, गीता का उपदेश !सच में हरि का वास है, हरियाणा परदेश !! अमन-चैन की ये

ये ना सोचो/ye na socho

November 5, 2022

ये ना सोचो कशमोकश मे उलझी मेरी जवानी हैलोग कहते वीणा कलम कि दीवानी है।। हालाते मंज़रों ने जज़्बात लिखना

PreviousNext

Leave a Comment