Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Ankur_Singh, poem

धन के सँग सम्मान बँटेगा| Dhan ke sang samman batega

आजकल परिवार में हो रहे विवाद और आपसी बंटवारें के संदर्भ में सीख देती हुई  मौलिक कविता  धन के सँग …


आजकल परिवार में हो रहे विवाद और आपसी बंटवारें के संदर्भ में सीख देती हुई  मौलिक कविता 

धन के सँग सम्मान बँटेगा

धन दौलत के लालच में,
भाई भाई से युद्ध छिड़ा है।
भूल के सगे रिश्ते नातों को,
भाई भाई से स्वतः भिडा़ है।।

एक ही माँ की दो औलादें,
नंगी खड्गें लिए खड़ी हैं।
ये दृश्य नहीं किसी रण का,
दोनों हथियार लिए अड़ी हैं।।

शोणित बहे किसी भी दल का,
माँ का ही आंचल फटेगा।
भले ये धन दौलत की रंजिश,
लेकिन भाई-भाई से बँटेगा।।

कल जो थे इक माँ के प्यारे,
प्रेम भाव ममता के न्यारे।
आज थोड़े स्वार्थ के चलते
माता की ममता के हत्यारे।।

खेले थे जो माँ के आंचल
कोर्ट में अर्जी दिए पड़े है।
कोई कृष्ण बनकर मध्यस्थ
समझाए जो अड़े खडे़ हैं।।

स्वार्थ हेतु घर का बंटवारा
होना अच्छी बात नहीं है।
इसके लिए आपस में लड़ना
अच्छी ये सौगात नहीं है।।

लड़िए मगर प्रेम के खातिर
एक दूजे का ध्यान रखें।
कभी क्रोध आ भी जाए तो
खड्ग को अपनी म्यान रखें।।

भाई का हिस्सा भाई ही तो
खाता कोई गैर नहीं है।
इतना समझाये न समझे
तो आगे अब खैर नहीं है।।

About author 

Ankur Singh
अंकुर सिंह
हरदासीपुर, चंदवक
जौनपुर, उ. प्र.

Related Posts

है वादा। Kavita -hai waada

April 10, 2023

है वादा।  पढ़ो पर लिखो ज्यादा,बोलो पर सोचो ज्यादा,खेलो पर पढ़ो ज्यादा,आप सफल होंगे है वादा। खाओ पर चबाओ ज्यादा,रोइए

कविता –छात्र नेता, गोली और हत्या |kavita

April 6, 2023

” छात्र नेता, गोली और हत्या “ मैं नहीं कहता कि मुझे अपने ही मारेंगेमुझे अपनों पर पूरा भरोसा हैतब

सत्यनिष्ठा का भाव | satyanishtha ka bhav

April 3, 2023

सत्यनिष्ठा का भाव भारत की संस्कृति व मिट्टी में ही है सत्यनिष्ठा का भाव तभी तो सत्यनिष्ठा से आत्मनिर्भरता अभियान

मां गंगे की पीड़ा की वास्तविक कहानी

April 3, 2023

 मां गंगे की पीड़ा की वास्तविक कहानी गंगा उत्सव मनाने को अब  राष्ट्रव्यापी नदी उत्सव बनाएंगे  मां गंगे की पीड़ा

महावीर जन्म कल्याणक (महावीर जयंती)| mahavir jayanti

April 3, 2023

महावीर जन्म कल्याणक (महावीर जयंती) निरख निरख के रूप तुम्हारा “महावीर “दिल भरता ही नहीं, तेरे चरणों से उठकर जाने

ये ख्वाब हमारे संकल्प सामर्थ्य से पूरे होंगे

April 3, 2023

ये ख्वाब हमारे संकल्प सामर्थ्य से पूरे होंगे जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे आजादी के अमृत

PreviousNext

Leave a Comment