Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

धनतेरस के दिन मैंने अपनी मां को खोया

धनतेरस 2020 के दिन मैं अपनी मां के साथ बैठा था अचानक उसे साइलेंट अटैक आया और मेरी नजरों के …


धनतेरस 2020 के दिन मैं अपनी मां के साथ बैठा था अचानक उसे साइलेंट अटैक आया और मेरी नजरों के सामने वह बैंकुठ लोक प्रस्थान कर गई धनतेरस के दिन मेरी सच्ची व्यथा पर आधारित यह कविता मां को समर्पित

Shrimati shantidevi Bhavnani

कविता–धनतेरस के दिन मैंने अपनी मां को खोया

धनतेरस के दिन मैं,
परिवार सहित बहुत रोया
क्या बताऊं अपनी व्यथा,
धनतेरस के दिन मैंने अपनी मां को खोया

खुशियां छूटी सुख चैन खोया
क्या बताऊं अपनी व्यथा,
उस दिन मैंने अपनी मां को खोया
अपनी मां के रूप में एक अनमोल हीरा खोया

लोग उस दिन सोना चांदी खरीदे,
मैंने मां की अर्थी ढोया
क्या बताऊं अपनी व्यथा,
उस दिन मैंने अपनी मां को खोया

लोगों ने दीवाली धूम धाम से मनाया,
मैंने सिर पे पगड़ी रस्म की पगड़ी बंधाया
भाईदूज पर बहन के साथ बहुत रोया,
चेहरा आसुओं में डुबोया

मां की कमी बहुत महसूस हुई,
फिर मैं बहुत रोया
कैसे कटेगी जिंदगी,
ये सोच दिल घबराया और रोया

क्या बताऊं अपनी व्यथा,
उस दिन मैंने अपनी मां को खोया
क्या बताऊं अपनी व्यथा,
उस दिन मैंने अपनी मां को खोया
क्या बताऊं अपनी व्यथा,
उस दिन मैंने अपनी मां को खोया

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड का गठन अधिसूचित हुआ

October 14, 2023

राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड का गठन अधिसूचित हुआ विश्व व्यापार में भारतीय हल्दी की हिस्सेदारी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचेगी – किसानों

कविता -अभिव्यक्ति का अंतस्

October 14, 2023

अभिव्यक्ति का अंतस् आहूत हो रही हैभाव की अंगडा़ईमन की खामोश और गुमसुम परछाई मेंकि कहीं कोई चेहरा… चेहरे की

मां है घर आई

October 14, 2023

मां है घर आई मां है घर आई चहुं दिग खुशियां छाईं झूम उठा है कण-कण माटी का हर चेहरे

कविता – बस आ जाओ

October 14, 2023

कविता  : बस आ जाओ सुनो दिकु….. मुज़ से कोई खता हुई है, तो बता दो ना रुख से अपने

अमेरिका की क्लैडिया गोल्डिन को अर्थशास्त्र विज्ञान का नोबेल पुरस्कार 2023

October 9, 2023

शाबाश ! प्रोफेसर क्लैडिया गोल्डिन महिलाओं की दुख़ती रग की रिपोर्ट के बल पर अर्थशास्त्र विज्ञान में नोबेल पुरस्कार 2023

ये अंधेरी रात| kavita: ye Andheri rat by veena adavani

October 9, 2023

ये अंधेरी रात ये तंहाई भरी अंधेरीगहरी काली रातहमे डराते हैं।। ये उमड़े घुमड़ते बादलदेख हम अक्सर कितनाडर जाते हैं।।

PreviousNext

Leave a Comment