Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

धंधा गैरकानूनी होगा पर जीएसटी कानूनी लगेगा !

धंधा गैरकानूनी होगा पर जीएसटी कानूनी लगेगा ! जीएसटी काउंसिल की 51 वीं बैठक में ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनों, हॉर्स रेसिंग …


धंधा गैरकानूनी होगा पर जीएसटी कानूनी लगेगा !

धंधा गैरकानूनी होगा पर जीएसटी कानूनी लगेगा !

जीएसटी काउंसिल की 51 वीं बैठक में ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनों, हॉर्स रेसिंग पर 28 प्रतिशत जीएसटी पर मोहर – 1 अक्टूबर 2023 से लागू – 6 माह बाद समीक्षा

सुनिए जी ! सट्टा,जुआ,ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो, हॉर्स रेसिंग जीएसटी दायरे में तो आता है, परंतु यह उसे कानूनी नहीं बनाता ध्यान रखिएगा जी ! – एडवोकेट किशन भावनानी गोंदिया

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर अति तेजी से दुनियां की तीसरे नंबर की ओर बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था में 6 साल पहले जीएसटी लागू लागू हुआ था। यह एक इनडायरेक्ट टैक्स है। इसे वैराइटी ऑफ प्रीवियस इनडायरेक्ट टैक्स (वैट), सर्विस टैक्स, परचेज टैक्स, एक्साइज ड्यूटी और कई इनडायरेक्ट टैक्स को रिप्लेस करने के लिए 1जुलाई 2017 को लागू किया गया था। जीएसटी में 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के चार स्लैब हैं। हालांकि गोल्ड और गोल्ड ज्वेलरी पर 3 प्रतिशत टैक्स लगता है। जिसमें कलेक्शन जो पिछले कुछ माह से तेजी से बढ़ता जा रहा है
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स से सरकार ने जुलाई 2023 में 1,65,105 करोड़ रुपए जुटाए हैं। इसमें सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है। जुलाई 2022 ये 1,48,995 करोड़ रुपए रहा था। जुलाई में लगातार पांचवीं बार ऐसा है कि रेवेन्यू कलेक्शन 1.6 लाख करोड़ से ऊपर गया है। इससे पहले जून में ये 1,61,497 करोड़ रुपए रहा था। हालांकि अब तक सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्‍शन अप्रैल 2023 में था, जब ये आंकड़ा 1.87 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया था। इसके अलावा लगातार 17 महीने से देश का जीएसटी कलेक्‍शन 1.4 लाख करोड़ रुपए से ऊपर बना हुआ है। इसका संचालन करने के लिए एक जीएसटी काउंसिल बनाई गई है जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री सहित सभी राज्यों के वित्तमंत्रियों सहित अनेक सदस्य प्रतिनिधियों के रूप में शामिल किए गए है। मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से आर्टिकल के माध्यम से जीएसटी काउंसिल की 51 वीं बैठक में लिए गए निर्णय की चर्चा करेंगे
साथियों बात अगर हम 51 वीं जीएसटी काउंसिल की सभा की करें तो 2 अगस्त 2023 को देर रात समाप्त हुई जिसकी निम्नलिखित महत्वपूर्ण सिफारिशें मंजूर की गई जिसमें बैठक के बाद सीजीएसटी अधिनियम 2017 और आईजीएसटी अधिनियम 2017 में कुछ संशोधनों की सिफारिश की है, जिसमें सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की अनुसूची III में संशोधन भी शामिल है। इसका उद्देश्य कैसीनो, हॉर्स रेसिंग और ऑनलाइन गेमिंग में आपूर्ति पर जीएसटी लगाने पर स्पष्टता लाना है। जीएसटी परिषद ने आईजीएसटी अधिनियम, 2017 में एक विशिष्ट प्रावधान जोड़ने की भी सिफारिश की है ताकि भारत में किसी व्यक्ति को ऑनलाइन मनी गेमिंग की आपूर्ति करने वाले भारत के बाहर स्थित आपूर्तिकर्ता पर भी जीएसटी का भुगतान करने के लिए देयता सुनिश्चित की जा सके। राजस्व सचिव ने कहा कि सट्टेबाजी पहले से ही जीएसटी के दायरे में है और यह इसे कानूनी नहीं बनाती। सट्टा और जुआ अवैध है और कर के दायरे में आता है। ऑनलाइन गेमिंग पर कर लगाने से प्रतिशत की उन राज्यों में ऑनलाइन गेम वैध नहीं हो जाएगी, जिन्होंने उन पर प्रतिबंध लगा रखा है। केंद्रीय वित्तमंत्री ने बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताया कि ऑनलाइन गेमिंग और हॉर्स रेसिंग पर 28 प्रतिशत जीएसटी की समीक्षा अगले छह महीने में की जाएगी। जीएसटी काउंसिल की बैठक के दौरान दिल्ली, गोवा और सिक्किम ने ऑनलाइन गेमिंग पर 28 प्रतिशत जीएसटी के फैसले की समीक्षा करने की मांग की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग पर लगाए गए दांव के पूरे अंकित मूल्य पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने का निर्णय 1 अक्तूबर से लागू किया जाएगा। जीएसटी काउंसिल 6 महीने बाद ऑनलाइन गेमिंग और कसीनो पर 28 फीसदी जीएसटी लागू करने की समीक्षा करेगी!बता दें कि11 जुलाई, 2023 को जीएसटी काउंसिल ने अपनी 50वीं बैठक में ऑनलाइन गेमिंग, हार्स रेसिंग और कैसिनो पर 28 फीसदी जीएसटी वसूली के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। ऑनलाइन गेमिंग, कैसिनो और हॉर्स रेसिंग में बेटिंग लगाने के फुल वैल्यू पर 28 फीसदी जीएसटी वसूला जाएगा। इस फैसले के बाद केंद्र और राज्यों के टैक्स अधिकारियों ने टैक्स वसूली के जुड़े ड्रॉफ्ट रूल्स तैयार कर लिए हैं। वित्तमंत्री ने बताया कि सेंट्रल जीएसटी कानून में संशोधन के प्रस्ताव को मानसून सत्र में ही संसद में पेश किया जाएगा। जीएसटी वसूली का फैसला एंट्री लेवल पर लगेगा ना कि जीते जाने वाले रकम पर। वित्तमंत्री स्पष्ट किया काउंसिल फेस वैल्यू पर जीएसटी वसूलने के फैसले पर कायम है।
साथियों बात अगर हम संबंधित संगठनों द्वारा 28 फ़ीसदी के विरोध की करें तो, इससे पहले ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन जिसमें दिग्गज ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां है उन्होंने जीएसटी काउंसिल के इस फैसले को असवैंधानिक करार दिया था। ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री की इस फैसले पर सांसें टंगी हुई हैं। इंडस्ट्री में लगी हुई कंपनियों और संगठनों ने सरकार से जीएसटी रेट को कम करने की अपील की है। ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के एक संगठन इंडियन गेमर्स यूनाइटेड की तहत टियर-2 और टियर-3 शहरों की गेमिंगकंपनियों ने वित्तमंत्री के नाम एक खुली चिट्ठी लिखी है और कहा है कि 28 फीसदी जीएसटी बहुत अधिक है और इससे अवैध तरीके से काम करने वाली गेमिंग कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा। हाई टैक्सेशन के कारण अवैध गेमिंग और विदेशी मंचों को बढ़ावा मिलेगा, इनसे सरकार को कोई कर नहीं मिलेगा, लेकिन वैध गेमिंग कंपनियां बहुत बड़े संकट में फंस जाएंगी। संगठन ने जुआ जैसे किस्मत के खेल और गेमिंग जैसे स्किल वाले खेलों के बीच अंतर करने की भी वकालत की, इंडियन गेमर्स यूनाइटेड ने एक बयान में कहा कि गेमिंग एक कौशल आधारित गतिविधि है और इसे जुआ या घुड़दौड़ जैसे किस्मत वाले खेलों के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है। ऐसे में टैक्सेशन सिस्टम में इस बात का ध्यान रखे जाने की अपील की गई है।
साथियों बात अगर हम दिनांक 3 दिसंबर 2020 को उच्चतम न्यायालय के फैसले की करें तो, उच्चतम न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में 3 दिसंबर 2020 को लॉटरी, जुआ और शर्त के खेल पर माल एवं सेवाकर (जीएसटी) की वसूली को सही करार दिया। न्यायालय ने कहा कि यह संविधान के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन नहीं करता और ना ही प्रतिकूल भेदभाव करता है। न्यायमूर्ति अध्यक्षता वाली पीठ ने स्किल लोडो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की याचिका को खारिज करते हुए केंद्रीय जीएसटी अधिनियम-2017 के तहत सरकार को लॉटरी पर कर लगाने के लिए सशक्त बनाने वाले प्रावधान को बरकरार रखा। इस पीठ में 2 न्यायमूर्ति और भी शामिल हैं। कंपनी ने अपनी याचिका में केंद्रीय जीएसटी कानून की धारा-2(52) के तहत माल की स्पष्ट व्याख्या करने की मांग की थी। साथ ही लॉटरी पर कर लगाने के संदर्भ में जारी की गयी अधिसूचनाओं पर भी स्पष्टीकरण देने का आग्रह किया था। कंपनी ने अपनी याचिका में इसे संविधान के तहत व्यापार करने और समानता के अधिकार के संदर्भ में विभेदकारी और उल्ल्ंघन करने वाला बताने की घोषणा करने की मांग की थी। न्यायालय ने कहा, अधिनियम की धारा-2(52) के तहत माल की परिभाषा संविधान के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं करती। ना ही यह अनुच्छेद 366(12) के तहत माल की परिभाषा सेटकराव पैदा करती है अनुच्छेद 366 के 12वें उपखंड के तहत बतायी गयी माल की परिभाषा में धारा-2(52) की परिभाषा निहित है। पीठ ने कहा, ‘संसद के पास माल एवं सेवाकर के संदर्भ में कानून बनाने की पूरी शक्ति है।
साथियों बात अगर हम 31 जुलाई 2023 को आयकर रिटर्न सबमिट करने की आखिरी तारीख तक आइटीआर फाइल दाखिल होनें की करें तो, आयकर विभाग ने कहा है कि आकलन वर्ष 2023-24 के लिए कुल रिकॉर्ड 6.77 करोड़ आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरे गए हैं। इसमें से 53.67 लाख लोगों ने पहली बार रिटर्न दाखिल किया है। विभाग ने मंगलवार को कहा, 2022-23 में 5.83 करोड़ की तुलना में इस बार 16.1 फीसदी ज्यादा रिटर्न भरे गए हैं। 31 जुलाई को कुल 64.33 लाख आईटीआर फाइल किया गया है। गौरतलब है कि नौकरीपेशा और उन लोगों के लिए 31 जुलाई अंतिम तारीख थी, जिनके खातों के ऑडिट की जरूरत नहीं होती है। विभाग ने कहा कि उसे 31 जुलाई, 2023 तक पहली बार रिटर्न दाखिल करने वालों से 53.67 लाख आईटीआर प्राप्त हुए, जो कर आधार के विस्तार का उचित संकेत है। 6.77 करोड़ आईटीआर में से 5.63 करोड़ रिटर्न का ई-सत्यापन किया गया है, जिनमें से 5.27 करोड़ से अधिक आधार-आधारित ओटीपी (94 फीसदी) के माध्यम से हैं। वहीं, ई-सत्यापित आईटीआर में से आकलन वर्ष 2023-24 के लिए 3.44 करोड़ से ज्यादा आईटीआर को 31 जुलाई तक संसाधित किया गा है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि धंधा गैरकानूनी होगा पर जीएसटी कानूनी लगेगा ! जीएसटी काउंसिल की 51 वीं बैठक में ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनों, हॉर्स रेसिंग पर 28 प्रतिशत जीएसटी पर मोहर – 1 अक्टूबर 2023 से लागू 6 माह बाद समीक्षा।सुनिए जी ! सट्टा, जुआ, ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो, हॉर्स रेसिंग जीएसटी दायरे में तो आता है, परंतु यह उसे कानूनी नहीं बनाता ध्यान रखिएगा जी!

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 

किशन सनमुख़दास भावनानी 
 गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

ठहाकों के बीच मदमस्त होते संग पेड़ ये बहारें- योग

June 29, 2023

ठहाकों के बीच मदमस्त होते संग पेड़ ये बहारें- योग रोज़मर्रा की ये आम सी जिंदगी, कभी-कभी इतनी बोझिल और

जितना अधिक इच्छाओं का दिया बलिदान- उतने अधिक बढ़े वृद्धाश्रम

June 29, 2023

जितना अधिक इच्छाओं का दिया बलिदान- उतने अधिक बढ़े वृद्धाश्रम कामख्या पीठ एवम हरिद्वार के आध्यात्मिक गुरु श्री प्रताप सिंह

दृढ़ता और संतोष, खुशियों के स्त्रोत

June 29, 2023

दृढ़ता और संतोष, खुशियों के स्त्रोत मनुष्य के रूप में हम उस पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो हमारे पास

भारत अमेरिका भाई-भाई – रिश्तो के निर्णायक दौर की बेला आई

June 29, 2023

पड़ोसी, विस्तारवादी मुल्क का चढ़ा पारा – सलामत रहे दोस्ताना हमारा भारत अमेरिका भाई-भाई – रिश्तो के निर्णायक दौर की

टीबी समाप्त करने 2025 लक्ष्य निर्धारित हुआ है

June 29, 2023

भावनानी के भाव टीबी समाप्त करने 2025 लक्ष्य निर्धारित हुआ है टीबी समाप्त करना एक राष्ट्रीय कर्तव्य है सभी लिंग

दुनियां नें योग और संगीत दिवस 21 जून 2023 को मनाया

June 29, 2023

दुनियां नें योग और संगीत दिवस 21 जून 2023 को मनाया योग और संगीत दिवस का संगम – संगीत पर

PreviousNext

Leave a Comment