द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे, …
द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
July 20, 2022
सहमा-सहमा आज कौन पूछता योग्यता, तिकड़म है आधार । कौवे मोती चुन रहे, हंस हुये बेकार ।। परिवर्तन के दौर
July 15, 2022
मनमीत रे करनी हैं तुझ संग प्रीत रे मनमीत रे करनी हैं तुझ संग प्रीत रे जाने है हम तू
July 15, 2022
“सुंदर सुरों की नदियाँ जानें किस ओर मूड़ गई” कभी मेरे देश में बहती बयार से खुशबू आती थी अमन
July 14, 2022
गले लगाना चाहती गले लगाना चाहती हूँ तुझे अबना चाहिए अब और कुछ, बस तुझमें समा जाना चाहती हूँएक कदम
July 13, 2022
ना लीजिए उधार! ना लीजिए उधार, बन जाओ खुद्दार, लाए अपनी दिनचर्या में, थोड़ा सा सुधार, अपने कार्य के प्रति,
July 4, 2022
सच जिंदगी बोलती हैं….. Sach zindagi bolti hai ध्यान से सुनो जिंदगी बोलती हैं कभी हँसती कभी रोती हैं नई