द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे, …
द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
January 19, 2023
भारतीयता के भाव और कट्टरता कट्टरता का भाव गलत है,मेल न खाता भारत से।। जाग-जाग ओ सोये भारत, यह खिलबाड़
January 19, 2023
पंच से पक्षकार हरिप्रसाद और रामप्रसाद दोनों सगे भाई थे। उम्र के आखिरी पड़ाव तक दोनों के रिश्ते ठीक-ठाक थे।
January 15, 2023
कविता-सवांद हर समस्या को सुलझाने का मंत्र है संवाद हर समस्या का उपचार है विश्वास रखोे मिलेगा फ़ल देर सही
January 15, 2023
कविता-मैं तुम्हारी मीरा हूं जहर का कटोरा पीने की हिम्मत हो,तभी कहना कि हे कृष्ण मैं तुम्हारी मीरा हूं।अगर प्यार
January 15, 2023
भावनानी के भाव भारतीय नारी सब पर भारी पुरुषों से कम नहीं है आज की भारतीय नारी व्यवसाय हो या
January 15, 2023
मुस्कुराते चेहरे हो खत्म दुनिया से दुःख की लहरेतब दिखेंगे हम मुस्कुराते हुए चेहरेजुल्म ओ सितम का दौर खत्म होप्यार