द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे, …
द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
June 4, 2021
“कितनी लहरें बाकी हैं” कितनी लहरें अभी बाकी हैं,कितनी लहरें आकर जा चुकी । कितने बवंडर उठे यहाँ ,कितने रिश्तों
June 4, 2021
लबों पे प्यार की कहानी रखना लबों पे प्यार की कहानी रखना गमें दरिया में हरदम रवानी रखना इश्क़ तो
June 4, 2021
साथियों हमारी मेवाती भाषा में मेने चार लाइनें जोड़ने की कोशिश की है उम्मीद करता हु आपको पसंद आएंगी हौसलाफ़जई
June 3, 2021
कविता:निरुत्तर निरुत्तर होकर भी, उत्तर खोज लो तुमप्रश्न में समस्या का हल खोज लो तुम। शान्त होकर सिर्फ प्रसन्न रहो,
June 3, 2021
ग़ज़ल -हुआ घातक करोना, हुआ घातक करोना,यार कब इसको हरायेंगे, | अगर अब भी नहीं सतर्क होये, मारे जाएँगे ||1
June 3, 2021
जिंदगी जिदंगी को अजीब कहा जाए या किस्मत को अजीब कहा जाए? लोगो से एक बात बार – बार सुनी