द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे, …
द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
September 4, 2021
मूलभूत समस्याएं वही हैं एक वक्त का खाना जैसे तैसे जुटाकर दूसरे वक्त की चिंता जिस इंसान के दिमाग में
September 4, 2021
रिश्ता की दूरियां-नजदीकियां रिश्तों का महत्व लंबी दूरियों से नहीं मन की दूरियों से होता है, अन्यथा माँ बाप और
September 4, 2021
तीर नदी का तीर नदी का दूर किनारा , कहां नहीं तुझको ढूंढा है, रात अंधेरी नदी उफनती, मिलन अंत
August 29, 2021
झूठों का है जमाना एक बार झूठ बोल कर उसे छुपाने के लिए झूठ पर झूठ बोलते जाना, पकड़े भी
August 26, 2021
हिजाब. खाली जेबों की कसी मुट्ठियाँ हवा में लहराने को उतर आई है अरण्य में खिलते अग्निपुष्प से रंगे सियार
August 26, 2021
सिर्फ वही ऐसा कर पाएगा इस समय जबकि बढ़ रही हैं इंसान – इंसान के बीच में नफरतें बेतहाशा हर