द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे, …
द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
September 15, 2021
दिल परवाना (कविता) इश्क की गलियों से जो गुजरा दिवाना हो गया जब मिला कोई रूप प्यारा दिल परवाना हो
September 15, 2021
हे !नारायण पार लगा दो …!! रे ! रँगरेज मोरी चुनर रंग दे , धानीं चटख गुलाबी में ।
September 15, 2021
शान–ए– हिंद आन भी हैं तू मान भी हैं तू हिंदी तू हिंदुस्तान की जान हैं तू तेरी मीठे शब्दों
September 14, 2021
क्या कहेंगे भला हम उस भाईचारे को क्या कहेंगे भला हम उस भाईचारे को रोक न पायी जो मुल्क के
September 14, 2021
बेसिर-पैर की बात मत करना बेसिर-पैर की बात मत करना दिन को कभी रात मत कहना। रुसबा न हो जाए