द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे, …
द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
October 22, 2021
शून्य “तुमने मेरे लिए अब तक किया ही क्या है?” गुस्से के आवेश में अक्सर बोल दिए जाने वाले यह
October 22, 2021
मोहक रास लीला…!! मुग्ध कर देनें वाला अनुपम लावण्य , सुबह की धूप सा छिटका हुआ सौंदर्य ,साँझ
October 22, 2021
आजकल के सियासतदां मारना जो हो कभी ‘श्वान’ तो दे कर उसे पागल करार खूब कर दो बदनाम ताकि जब
October 22, 2021
आर्य सभ्यता मेरी मानव सभ्यता धरा धाम का, प्राचीन धरोहर अपना है , सिंधु तट पर विकसित होकर, घाटी घाटी
October 22, 2021
कविताएँ लिखता हूँ सुविधा भी लिखता हूँ और दुबिधाएँ लिखता हूँ। मैं सबके जीवन की अनेकानेक, विधाएं लिखता हूँ। लिखना
October 22, 2021
मंहगाई का इलाज ऐसा नहीं है कि उन्हें सस्ती मिल रही हैं सब्जियां और घर के राशन का सारा सामान,