द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे, …
द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
November 7, 2021
रावण को हर बार आना है रावण लौट आया है, मन बड़ा घबराया है। छोटी को कहा था, बाहर मत
November 7, 2021
रोटियाँ…!!! हमनें पूरे जीवन में कुल दस रोटियाँ बनाईं पहली माँ के लोइयों को थपथपाई खुशियाँ मनाई नाची
November 7, 2021
हथकड़ियाँ पहना दे….!!! प्रतिबन्धित जब हरी कलाई , हथकड़ियाँ पहना दे…!! कंगन की खन-खन में चूड़ी
November 7, 2021
अश्रु बहते है अश्क ही आंखो के द्वार से खुशी हो तो भी बहेंगे ये गम में तो बहने का
November 7, 2021
त्यौहारों के बहाने त्यौहारों के बहाने घर लौट पाते हैं… रोजी – रोटी के खातिर अपने घरों से दूर रहने