द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे, …
द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
January 25, 2022
चाँद और मैं अमावस की काली रातों मेंउलझी हुई कई बातों मेंन पूछ! किस तरहा रहते हैंचाँद और मैं एक
January 25, 2022
अंजान राहें!! है अंजान राहें थमती नहींनित नये रास्ते मिलते ही जायें।जीवन डगर पर मुस्कान बिखेरीबढ़ते चले हैं बाधाओं से
January 25, 2022
स्वतंत्रत विचार एक टूटता हुआ तारा!!असमान में बिखरे तारेकितने सुन्दर कितने प्यारे। अपलक रोज निहारा करतीसहसा टूटा एक तारा…अनायास ही
January 25, 2022
सलोनी के कुसुम” इंसान बेइन्तहा मजबूर दिखा,कुसुम सी बालिकाएं तीर्थ पर,बेंच रही पूजा का सामान छोली में।चेहरे पर मुस्कान बिखेरी
January 25, 2022
हवाओं से बात! सनन सनन सी हवा मैं सांस लेते हुए खुलकर, जीते हैं अपने सारे दुख गम को भूल
January 25, 2022
संगीत! एक मधुर सी ध्वनि जब कानों में गुनगुनाती,मन को प्रसन्नता से भर जाती,योग की तरह होता है संगीत,हर एक