द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे, …
द्वारिका में बस जाओ
वृंदावन में मत भटको राधा,
March 25, 2022
कविताजीवन सुखों और दुखों का मेल है जिंदगी सुखों और दुखों का मेल है जिंदगी में उतार-चढ़ाव बस एक खेल
March 25, 2022
फरेबी मुस्कान मुहब्बत में कोई सौदा वफ़ा का वादा नहीं होताहोता है प्यार जब कोईचाहत का इरादा नहीं होता एक
March 25, 2022
दोहे-भाव माधुरी मुंडमाल उर में धरे, उमानाथ भगवान | चंद्रमौलि का जाप है, नाथ वही गुणवान || वास करें निज
March 25, 2022
अवसर! इस अवसर को तू ना गवा, समय बहे जैसे हवा,कदर करे जब मिले अवसर,जीवन में रह जाए ना कोई
March 25, 2022
एक लेखक की कलम! चलो बनाते हैं दोस्त, परिश्रम को, हमारे हाथों से हमेशा अच्छे कर्म हो,विश्वास हो बहुत सारा,
March 25, 2022
हर क्षण की तरंग! जिंदगी के खेल में खेलता जा,रोशनी की तरह फैलता जा,खुद पर रख पुरा यकीन,खिलाड़ी तू है