Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

दो दिवसीय भारत ड्रोन महोत्सव 2022

 दो दिवसीय भारत ड्रोन महोत्सव 2022  भारत में ड्रोन क्रांति की दस्तक – भविष्य का ड्रोना-चार्य भारत!! देश को नई …


 दो दिवसीय भारत ड्रोन महोत्सव 2022 

एड किशन भावनानी

भारत में ड्रोन क्रांति की दस्तक – भविष्य का ड्रोना-चार्य भारत!!

देश को नई ताकत गति और ऊंचाई प्रदान करने प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण उपकरण – एड किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर आधुनिक तकनीकी के युग में एक ऐसा दौर चल पड़ा है कि हर क्षेत्र में, हर कार्य मानव संपर्क से हटाकर प्रौद्योगिकी संपर्क हो चुका है। कुछ देशों में तो चलते फिरते मानव तक बना दिए गए हैं जिसे रोबोट का नाम दिया गया है, वह लगभग हर मानवीय कार्य रिमोट के सहारे करते हैं बस फर्क इतना है कि उनमें मानवीय कुदरती जान नहीं है सृष्टिगत मानवीय जान का रिमोट ऊपर वाले के हाथ में है और इन रोबोट का रिमोट कुशाग्र बुद्धि के मालिक तकनीकीज्ञ के पास है। 

साथियों बात अगर हम पीएम द्वारा दिनांक 27 मई 2022 को प्रगति मैदान दिल्ली में शुरू भारत ड्रोन महोत्सव 2022 के उद्घाटन की करें तो मेरा मानना है कि यह महोत्सव भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र का बहुत बड़ा उत्सव है जहां ड्रोन टेक्नोलॉजी को लेकर भारत में उत्साह देखने को मिल रहा है और उपस्थित इंजीनियरों, तकनीकीज्ञों, किसानों में जो उत्साह दिख रहा है अद्वितीय है!! ऐसी ऊर्जा नजर आ रही है कि यह उत्सव ड्रोन सर्विस और ड्रोन आधारित इंडस्ट्री की लंबी छलांग का प्रतिबिंब हो!! भारत एक कृषि और गांव प्रधान देश है जहां वर्तमान परिस्थितियों को रेखांकित करते हुए ड्रोनतकनीकी का विस्तृत स्तर तक प्रोत्साहित कर मानवीय जीवन को सुचारू रूप से सुशासन के माध्यम से एक स्मार्ट टूल दिया गया है जो आम लोगों के जीवन का हिस्सा बनने जा रहा है!! 

साथियों बात अगर हम दो दिवसीय भारत ड्रोन महोत्सव 2022 की करें तो एक जमाना था जब कंप्यूटर क्रांति की ऐसी दस्तक हुई थी और आज बिना कंप्यूटर के मानवीय जीवन ही कठिन महसूस होता है अब उसके दो कदम आगे आज से भारत में ड्रोन क्रांति की दस्तक हुई है अब भविष्य का ड्रोना-चार्य भारत बनने जा रहा है!! अब ड्रोन टैक्सी रिक्शा सहित अनेक साधनों, संसाधनों का पर्याय ड्रोन की मदद होगी याने पीएम ने अपने संबोधन में 2030 तक भारत को ड्रोन हब बनाने की बात कही है ऐसा मीडिया में बताया गया है।

आज किसान भी ड्रोन का प्रयोग खेती में कर रहे हैं। उन्होंने कहा इसकी मदद से देश भर में विकास कार्यों का निरीक्षण करा जा रहा है। देश भर में विकास कार्यों का ड्रोन की मदद से औचकर निरीक्षण हो रहा हैं। दो दिवसीय इस महोत्सव में सरकारी अधिकारियों, विदेशी राजनयिकों, सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी कंपनियों और ड्रोन स्टार्टअप आदि सहित 1600 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे।

साथियों बात अगर हम माननीय पीएम द्वारा भारतीय ड्रोन महोत्सव 2022 में संबोधन की करें तो पीआईबी के अनुसार उन्होंने कहा, ड्रोन टेक्नोलॉजी को लेकर भारत में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, वो अद्भुत है। ये जो ऊर्जा नज़र आ रही है, वो भारत में ड्रोन सर्विस और ड्रोन आधारित इंडस्ट्री की लंबी छलांग का प्रतिबिंब है। ये भारत में रोज़गार जेनरेशन के एक उभरते हुए बड़े सेक्टर की संभावनाएं दिखाती है। आज भारत, स्टार्ट अप पावर के दम पर दुनिया में ड्रोन टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा एक्सपर्ट बनने की ओर तेज गति से आगे बढ़ रहा है।

ड्रोन टेक्नोलॉजी कैसे एक बड़ी क्रांति का आधार बन रही है, इसका एक उदाहरण पीएम स्वामित्व योजना भी है। इस योजना के तहत पहली बार देश के गांवों की हर प्रॉपर्टी की डिजिटल मैपिंग की जा रही है, डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड लोगों को दिए जा रहे हैं। इसमें मानवीय संपर्क कम हुआ है, और भेदभाव की गुंजाइश खत्म हुई है। इसमें बड़ी भूमिका ड्रोन की रही है। थोड़ी देर पहले मुझे भी स्वामित्व ड्रोन उड़ाने का, उसकी टेक्नोलॉजी समझने का अवसर मिला है। थोड़ी देर उसके कारण भी हो गई। मुझे खुशी है कि ड्रोन की मदद से अभी तक देश में लगभग 65 लाख प्रॉपर्टी कार्ड जेनरेट हो चुके हैं। और जिसको ये कार्ड मिल गया है, उसको संतोष है कि हां मेरे पास मेरी जितनी जमीन है, मेरे पास सही डिटेल मिल गई है। पूरे संतोष के साथ उन्होंने इस बात को कहा है। वरना हमारे यहां अगर छोटी सी जगह की नाप-नपाई भी होती है, तो उसमें सहमति बनाने के लिए सालों-साल लग जाते हैं। 

पीएम ने रक्षा, आपदा प्रबंधन, कृषि, पर्यटन, फिल्म और मनोरंजन के क्षेत्र में ड्रोन प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस तकनीक का इस्तेमाल बढ़ना तय है। उन्होंने प्रगति की समीक्षाओं और केदारनाथ परियोजनाओं के उदाहरणों के माध्यम से अपने आधिकारिक निर्णय लेने में ड्रोन के इस्तेमाल के बारे में भी बताया। 

उन्होंने कहा कि पहले के समय में टेक्नोलॉजी और उससे हुए इन्वेंशन, एलीट क्लास के लिए माने जाते थे। उन्होंने कहा कि आज हम टेक्नोलॉजी को सबसे पहले आम लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं। कुछ महीने पहले तक ड्रोन पर बहुत सारे रिस्ट्रिक्शंस थे। हमने बहुत ही कम समय में अधिकतर रिस्ट्रिक्शंस को हटा दिया है। हम पीएलआई जैसी स्कीम्स के जरिए भारत में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग का एक सशक्त इको-सिस्टम बनाने की तरफ भी बढ़ रहे हैं। अंत में प्रधानमंत्री ने कहा,तकनीक जब जन-जन तक जाती है तो उसके उपयोग की संभावनाएं भी उसी के अनुसार बढ़ जाती हैं।

उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक किसानों को सशक्त बनाने और उनके जीवन को आधुनिक बनाने में प्रमुख भूमिका निभाने जा रही है, क्योंकि जैसे-जैसे गांवों में सड़क, बिजली, ऑप्टिकल फाइबर और डिजिटल तकनीक का आगमन हो रहा है। इसके बावजूद भी, कृषि कार्य पुराने तरीकों से किए जा रहे हैं, जिससे परेशानी, कम उत्पादकता और अपव्यय हो रहा है। उन्होंने भू-अभिलेखों से लेकर बाढ़ और सूखा राहत तक की गतिविधियों के संबंध में राजस्व विभाग पर निरंतर निर्भरता के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों से निपटने के लिए ड्रोन एक प्रभावी उपकरण के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्रों की मदद के लिए किए गए उपायों ने सुनिश्चित किया है कि प्रौद्योगिकी अब किसानों के लिए डराने वाली नहीं है। 

अतःअगर हम उपरोक्त पूरा विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि दो दिवसीय भारत ड्रोन महोत्सव 2022 शुरु है। भारत में ड्रोन क्रांति की दस्तक – भविष्य का ड्रोना-चार्य भारत!!देश को नई ताकत गति और ऊंचाई प्रदान करने प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण उपकरण है।

संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

सामाजिक नीति के बजाय जाति आधारित वोट-बैंक की राजनीति

December 23, 2022

 सामाजिक नीति के बजाय जाति आधारित वोट-बैंक की राजनीति ग्राम स्तर पर भी पंचायत राज चुनावों में जाति व्यवस्था हावी

कोविड संकट अभी ख़त्म नहीं हुआ है covid crisis is not over yet

December 22, 2022

कोविड संकट अभी ख़त्म नहीं हुआ है  दुनिया के कई देशों में फ़िर तेजी से फैल रहे विस्फोटक कोविड-19 वेरिएंट

रिलेशनशिप में बोले जाने वाले ये झूठ तोड़ देते हैं दिल

December 22, 2022

रिलेशनशिप में बोले जाने वाले ये झूठ तोड़ देते हैं दिल कोई आप से पूछे कि रिलेशनशिप में सब से

सरपंचपति खत्म कर रहे महिलाओं की राजनीति

December 22, 2022

सरपंचपति खत्म कर रहे महिलाओं की राजनीति सरपंच पति प्रथा ने महिलाओ को पहले जहा थी वही लाकर खड़ा कर

भारत के राज्यों और ज़िलों का सामाजिक प्रगति सूचकांक 2022 जारी

December 22, 2022

भारत के राज्यों और ज़िलों का सामाजिक प्रगति सूचकांक 2022 जारी सामाजिक प्रगति सूचकांक (एसपीआई) 2022 यह रिपोर्ट राज्य और

क्या आरटीआई अधिनियम अपने उद्देश्य को पूरा कर रहा है?

December 20, 2022

क्या आरटीआई अधिनियम अपने उद्देश्य को पूरा कर रहा है? सरकार से पर्याप्त धन प्राप्त करने वाले कई निकायों के

Leave a Comment