Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Prem Thakker

देर ना हो जाये आने में |der na ho jaye aane me – prem thakker

देर ना हो जाये आने में सुनो दिकु…… अब सांसे रुक रुक कर चलती हैयह आँखें हरपल तुम्हारी याद में …


देर ना हो जाये आने में

देर ना हो जाये आने में |der na ho jaye aane me - prem thakker

सुनो दिकु……

अब सांसे रुक रुक कर चलती है
यह आँखें हरपल तुम्हारी याद में बहती है

ना कोई स्वाद है अब खाने में
बहुत सी दरारे आ चुकी है
तुम बिन मेरे आशियाने में

खुद को तसल्ली देने के लिये
रोज़ वही रास्ते से चलता हूँ

में तुम से बात करने के लिये
खुद को ही वीडियो कॉल करता हूँ

मर चुके है सारे अंग मेरे
सब की बस एक ही पुकार है

कब आओगी मेरी ज़िंदगी
मुजे ज़िंदा करने के लिए सिर्फ तुम्हारा इंतज़ार है

प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए

About author

प्रेम ठक्कर | prem thakker

प्रेम ठक्कर
सूरत ,गुजरात
ऐमेज़ॉन में मैनेजर के पद पर कार्यरत


Related Posts

नकाब ओढ़े चेहरे

October 23, 2021

 नकाब ओढ़े चेहरे चुंकि फायदेमंद रहती हैं हिंसक व अराजक परिस्थितियां चुनावों में वोटों के ध्रुवीकरण के लिए, इसलिए ज्यादातर

हृदय के चाँद

October 23, 2021

 हृदय के चाँद                                  

Pahle se bhi jyada by Jitendra Kabir

October 23, 2021

 पहले से भी ज्यादा भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा देकर सरकार बनाने वाले लोग जब खुद ही लिप्त रहें सारा

Sharad chandra kirne by Anita Sharma

October 23, 2021

 शरद-चंद्र-किरणें* ऐ तकदीर मेरी मुझको चाँद से मिला रही। इक चाँद आसमान में इक है मेरे पास भी। सितारों ने

Sharad purinima by Dr. indu kumari

October 23, 2021

 शीर्षक–शरद पूर्णिंमा  पूनम की रात आई प्रेम की बरसात लाई राधा संग मिल गोपियां कान्हा संग रास रचाई धरा अनुपम

Dhwaj trivarn hai chhane ko by Arun kumar sukla

October 23, 2021

 ध्वज त्रिवर्ण है छाने को, है उठी लालिमा पूरब से, नभ केसरिया कर जाने को। यह क्षण है दिग नभमण्डल

Leave a Comment