Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

देखो हर शब्द में रब

 देखो हर शब्द में रब दिल को जीत लेते शब्द दिल को भेद भी देते शब्द दिल को बहलता मिठास …


 देखो हर शब्द में रब

देखो हर शब्द में रब

दिल को जीत लेते शब्द

दिल को भेद भी देते शब्द

दिल को बहलता मिठास देते ये शब्द

समझो शब्द में ही बसता हर रब

देखो हर शब्द में रब।।2।।

जब-जब जिसने बोले कड़वे शब्द

रिश्तों में गिरावट होती है तब

चाहते रिश्तों में प्रगाढ़ता इंसा जब

अपनाओ मीठे शब्द प्रसन्न हो सब।।

देखो हर शब्द में रब।।2।।

जहां मधु बसता सुनो शब्दों में सच

अविचल होते रिश्ते माने हम तब

चारों ओर सुखद अनुभव होता है जब

तब सच हर ओर संग नजर आते हैं रब

देखो हर शब्द में रब।।2।।

इंद्रधनुष सतरंगी दुनिया छाए जब

हिमालय की ऊंची चोटियों सा यश

मान दिलाए हर ओर ये इंसा शब्द

छोड़ कटुता अपना प्रेम जिसमें हे रब।।

देखो हर शब्द में रब।।2।।

वीना आडवाणी तन्वी

नागपुर, महाराष्ट्र


Related Posts

कविता – छाँव सा है पिता

June 23, 2022

 कविता – छाँव सा है पिता सिद्धार्थ गोरखपुरी गलतफहमी है के अलाव सा है पिता घना वृक्ष है पीपल की

कविता -आँखें भी बोलती हैं

June 23, 2022

 कविता -आँखें भी बोलती हैं सिद्धार्थ गोरखपुरी न जीभ है न कंठ है कहने का न कोई अंत है दिखने

कविता -गँवईयत अच्छी लगी

June 23, 2022

 कविता -गँवईयत अच्छी लगी सिद्धार्थ गोरखपुरी माँ को न शहर अच्छा लगा न न शहर की शहरियत अच्छी लगी वो

कविता – बचपन पुराना रे

June 23, 2022

 कविता – बचपन पुराना रे सिद्धार्थ गोरखपुरी ढूंढ़ के ला दो कोई बचपन पुराना रे पुराना जमाना हाँ पुराना जमाना

ये ख्वाब न होते तो क्या होता?

June 23, 2022

 कविता – ये ख्वाब न होते तो क्या होता? सिद्धार्थ गोरखपुरी झोपड़ी में रहने वाले लोग जब थोड़े व्यथित हो जाते

रक्त की बूँद!!!!

June 23, 2022

 रक्त की बूँद!!!! अनिता शर्मा रक्त की हर बूंद कीमती,रक्तदान जरूरी है।कीमती हर जान रक्त से,रक्त दान जरूरी है। समय-समय

PreviousNext

Leave a Comment