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दूसरे देशों मे दी जाने वाली सज़ा पर जरा गौर फरमाए- लव जिहाद

दूसरे देशों मे दी जाने वाली सज़ा पर जरा गौर फरमाए- लव जिहाद आज बहुत ही गहरी सोच मे डूबी …


दूसरे देशों मे दी जाने वाली सज़ा पर जरा गौर फरमाए- लव जिहाद

दूसरे देशों मे दी जाने वाली सज़ा पर जरा गौर फरमाए- लव जिहाद

आज बहुत ही गहरी सोच मे डूबी थी और मैं यही सोच रही थी कि आखिर, क्या कारण है कि हमें कभी भी विदेशों से बलात्कार, लड़कियों की हत्या बलात्कार के बाद, क्यों इस प्रकार की खबर सुनने को नहीं मिलती है कि फलाने देश में लड़कियों का बलात्कार हुआ या लड़की का बलात्कार करने के बाद बहुत ही बुरी तरीके से सरेआम कत्ल कर दिया गया। बलात्कार के लिए लड़कियों का कहीं पर भी अपहरण किया गया। लड़कियों ने शादी करने से मना कर दिया हो तो उन्हें सरेआम रास्ते पर मार देना इस तरह की खबर भी हमने कभी नहीं सुनी, चलती बस में लड़की का बलात्कार कर कर निर्भया हत्याकांड जैसी खबर तो केवल भारत देश में ही सुनने को मिली सरे राह पर पेट्रोल जलाकर एक पशु चिकित्सक जो कि महिला थी उसको भी जला दिया गया आखिर क्यों? सिर्फ आतंकी क्षेत्रों को छोड़कर दूसरे क्षेत्रों से इस तरह की या यह कहें कि दूसरे देशों से इस तरह की खबर नहीं आती उदाहरण के तौर पर चीन जापान सिंगापुर आदि ऐसे कई प्रतिष्ठित देश है जहां से इस तरह की खबर नहीं आती।
यदि वर्ष 2022 से देखा जाए तो 2023 के आते आते ही न जाने कितनी बेटियां बलात्कार के बाद मौत के घाट उतार दी गई। और फिर इस तरह के जघन्य हत्याकांड को नाम दे दिया गया लव जिहाद। जब इस तरह के हत्याकांड हुए तो दोष हिंदू बेटियों को दिया गया कि वह छोटे-छोटे तंग कपड़े पहनती हैं खुले विचारों की है देर रात तक घूमती हैं वगैरह-वगैरह। जबकि इसके विपरीत है देखा जाए तो विदेश में रहने वाली महिलाएं भारतीय महिलाओं से भी अधिक खुले विचारों की है। देर रात तक पबों में जाना, शराब पीना, छोटे-छोटे बहुत ही ज्यादा तंग कपड़े पहनना, देर रात तक सड़कों पर घूमना इत्यादि पर अगर हम गौर फरमाए तो भारतीयों से अधिक तो विदेश में रहने वाली महिलाएं आजाद हैं या यह कहें कि खुले विचारों वाली है तो वहां महिलाएं इतनी बेफिक्र होकर कैसे घूम सकती हैं। हमारे भारत देश में चलिए पूरी तरह नहीं मानते हैं परंतु 60% महिलाएं आज भी भारतीय परंपराओं को अपनाते हुए अपने तन को ढक कर रखती है। उसके बावजूद भी भारत देश में इस तरह के जघन्य अपराध होते हैं विदेशी महिलाओं के साथ इस तरह के जघन्य अपराध क्यों नहीं होते हैं। जानते हैं इसके पीछे बहुत बड़ा कारण है। उसका कारण है हमारे देश की न्याय प्रक्रिया में कमी हमारे देश मे बलात्कार के अपराधी को सजा देने में कमी।
आज मैं इसी खोज में गूगल पर सर्च करने लगी कि हर देश में बलात्कारी के लिए क्या सजा तय की गई है। सबसे अधिक जो सजा मैंने इस्लाम धर्म में पाई है, वह यह है कि यदि कोई इस्लाम धर्म का किसी महिला के साथ बलात्कार करता है तो उसके गुप्तांग को ही काट दिया जाता है या क्षतिग्रस्त कर दिया जाता है ताकि वह जिंदगी भर किसी के भी काबिल ना रहे और इस तरह का जघन्य अपराध ना कर सके।
जब मैंने चीन देश के बलात्कार के संबंध में दी जाने वाली सजा को पढ़ा तो चौंकाने वाला तथ्य सामने यहां आया कि बलात्कारी को फांसी की सजा दी जाती है साथ ही उसके गुप्ता को भी क्षतिग्रस्त कर दिया जाता है।
मिस्र देश में भी सरेआम दुनिया के सामने गोली मार दी जाती है और गुप्ता को क्षतिग्रस्त कर दिया जाता है।
इस्लाम धर्म में बलात्कार के बदले में दी जाने वाली सजा को सुनकर कोई भी बलात्कार करने से पहले लड़का दस बार सोचता है। उसकी रूह सोच कर ही कांप उठती है कि मैं बलात्कार कैसे कर सकता हूं यदि मैंने अपने जिस्म की भूख मिटाने के लिए बलात्कार किया तो मेरा गुप्तांग ही काट दिया जाएगा। जिसके डर से वह ऐसा अपराध कर ही नहीं पाता है।
हमारे हिंदू समुदाय में ऐसी कोई भी सजा तय नहीं की गई है खास करके भारत देश में जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। यह कहा जा रहा है कि इस्लाम धर्म के लड़के अपना नाम बदलकर लड़कियों को अपने जाल में फंसा रहे हैं और उनके साथ बलात्कार कर उन्हें बहुत ही बुरी तरीके से मार रहे हैं और नाम दे रहे हैं लव जिहाद जानते हैं इसका कारण क्या है इसका कारण है हारमोंस, आज की नव युवा पीढ़ी मे हर किसी को अपनी एक गर्ल्फ्रेंड चाहिए। सभी को पता है कि इस्लाम धर्म में यदि उन्होंने अपने ही धर्म की किसी लड़की को फसाया और उसके साथ कोई जगह अपराध किया तो उनके गुप्ता को काट दिया जाएगा या उन्हें फांसी की सजा दी जाएगी। इसलिए अब क्यों वह अपने ही धर्म की लड़कियों को नहीं फंसाते। इस विषय पर गहराई से सोच कर देखिए गा और मेरी तरह आप भी गूगल पर एक बार सर्च करिएगा कि विभिन्न देशों में बलात्कार की सजा क्या है और हमारे भारत देश में बलात्कार की सजा क्या है जमीन आसमान का अंतर पाएंगे दूसरी कमी हमारे देश में मिलने वाले न्याय की प्रक्रिया बहुत धीमी गति से चलती है जबकि दूसरे देशों में न्याय प्रक्रिया बहुत ही तेजी से चलती है जिसके चलते वहां पर बहुत सारे केस सालों साल तक नहीं चलते।
जैसा कि मैंने आपको बताया था की बलात्कार का कारण हारमोंस है, जी हां जैसे-जैसे नव युवकों की उम्र बढ़ती जाती है उनके शरीर में हारमोंस बदलते रहते हैं इसी हारमोंस के बदलने के कारण लड़कों का या लड़कियों का विपरीत लिंग की तरफ आकर्षित होना स्वभाविक है। इसे तो कोई भी नहीं बदल सकता बस यह है कि हिंदुओं में बलात्कार के लिए कोई कड़ा नियम ना होने के कारण आए दिन कभी श्रद्धा, कभी साक्षी, तो कभी कोई ओर इस बलात्कार की सूली पर चढ़ती ही रहेंगी हिंदु बेटियां और ऐसे ही हिंदू लड़कियों की हत्याएं होती भी रहेंगी। इस्लाम धर्म की लड़कियों के साथ ऐसा इसलिए नहीं होता है क्योंकि इस्लाम धर्म के अंतर्गत हर कोई जानता है कि यदि हमने इस तरह का अपराध किया तो हमारे या तो गुप्तांग काट दिए जाएंगे या तो हमें फांसी के तख्ते पर चढ़ा दिया जाएगा या तो हमें ऐसा बना दिया जाएगा की हम ताउम्र अपनी औलाद के लिए तरसते रहें मतलब नपुंसक।
अब आप सोचिएगा, हार्मोन्स का बदलना या उसे रोकना हमारे हाथ में नही है। परंतु हिंदु धर्म मे भी बलात्कार के लिए कड़ी सज़ा को लाना बहुत ही जरूरी है। ताकी फिर कोई भी, किसी भी धर्म का लड़का हिंदू बेटियों को छूने से पहले कतराए और ना हो फिर से कोई भी कहीं भी बेटी लव जिहाद का शिकार।

About author

Veena advani
वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र

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