Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

दिल्ली शहर-डॉ. माध्वी बोरसे

दिल्ली शहर! भारतीय गणराज्य की राजधानी,इसका इतिहास है गौरवशाली,एक विशेष केंद्र शासित प्रदेश,महाभारत काल से इसका उल्लेख रहा विशेष! देश …


दिल्ली शहर!

दिल्ली शहर-डॉ. माध्वी बोरसे
भारतीय गणराज्य की राजधानी,
इसका इतिहास है गौरवशाली,
एक विशेष केंद्र शासित प्रदेश,
महाभारत काल से इसका उल्लेख रहा विशेष!

देश की विधि, न्याय और प्रशासन,
यहीं से ही होता है इन सब का संचालन,
राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, यहां है स्थित,
सभी पर्यटको को करती है आकर्षित!

यहां की प्रमुख भाषाएं एवं बोली,
हिंदी, पंजाबी, उर्दू और अंग्रेजी,
प्राचीन काल से इंद्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता,
उत्तर भारत का सबसे बड़ा व्यवसायिक केंद्र कहलाता!

लाल किला, जामा मस्जिद, कुतुब मीनार, राजघाट,
इंडिया गेट, अक्षरधाम मंदिर, दिल्ली हाट,
यहां सभी जगहों की सबसे खूबसूरत बात,
यहां के दार्शनिक स्थल में बसता प्राचीन और पौराणिक इतिहास!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

हिन्दी बेचारी- डॉ. इन्दु कुमारी

January 13, 2022

हिन्दी बेचारी राष्ट्र है मेरे अपने घरभारती हूँ मैं कहलाती जनमानस की हूँ सदासरल अभिव्यक्ति मैं राजदुलारी जन सभा कीअवहेलना

आने वाला पल- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

आने वाला पल आने वाला पल तो आकर ही रहेगा, जैसे जाने वाला पल भीभला कब ठहरा है ? क्योंकि

गुरु गोविंद पुकारा है – डॉ इंदु कुमारी

January 13, 2022

गुरु गोविंद पुकारा है तेग बहादुर सिंह ने अपने बेटे को बलिदान दिया झुका नहीं दुश्मन के आगेमौत को भी

व्याकुल अंतर- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 13, 2022

व्याकुल अंतर प्रीत निभाती रात गई बित , जोड़ जोड़ कर सपने-अपने,बंद आंखों में मिलन यामिनी ,हुई भोर तो साथ

कान्हा तू काहे करत मनमानी -सरस्वती मल्लिक

January 13, 2022

कविता : कान्हा तू काहे करत मनमानी कान्हा तू काहे करत मनमानी बार -बार समझाया तुझकोफिर भी एक न मानीनित

प्रेरणा- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

प्रेरणा कहने सुनने में छोटा सा शब्द मगर भाव बड़ा है, किसी की अंधेरे में डूबती जिंदगी मेंउम्मीद की किरण

Leave a Comment