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poem, Prem Thakker

दिकुप्रेम | dikuprem

दिकुप्रेम सुनो दिकु… में ठीक हूँतुम अपना ख्याल रखनामेरी फिक्र में मत रहना कोई भी आये परेशानी अगरहौंसला रखना खुद …


दिकुप्रेम

दिकुप्रेम | dikuprem

सुनो दिकु…

में ठीक हूँ
तुम अपना ख्याल रखना
मेरी फिक्र में मत रहना

कोई भी आये परेशानी अगर
हौंसला रखना खुद पर
मुश्केलियों से कभी ना डरना

में जानता हूँ और समझता भी हूँ
कि बहुत ज़िम्मेदारियों से घिरी हो तुम

पर कभी फुर्सत मिले तो
दिकुप्रेम के हसीन पलों को याद ज़रूर करना

*प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए*
प्रेम ठक्कर ‘दिकुप्रेमी’

About author

प्रेम ठक्कर | prem thakker

प्रेम ठक्कर
सूरत ,गुजरात 

ऐमेज़ॉन में मैनेजर के पद पर कार्यरत  

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