Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Prem Thakker

दिकुप्रेम | dikuprem

दिकुप्रेम सुनो दिकु… में ठीक हूँतुम अपना ख्याल रखनामेरी फिक्र में मत रहना कोई भी आये परेशानी अगरहौंसला रखना खुद …


दिकुप्रेम

दिकुप्रेम | dikuprem

सुनो दिकु…

में ठीक हूँ
तुम अपना ख्याल रखना
मेरी फिक्र में मत रहना

कोई भी आये परेशानी अगर
हौंसला रखना खुद पर
मुश्केलियों से कभी ना डरना

में जानता हूँ और समझता भी हूँ
कि बहुत ज़िम्मेदारियों से घिरी हो तुम

पर कभी फुर्सत मिले तो
दिकुप्रेम के हसीन पलों को याद ज़रूर करना

*प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए*
प्रेम ठक्कर ‘दिकुप्रेमी’

About author

प्रेम ठक्कर | prem thakker

प्रेम ठक्कर
सूरत ,गुजरात 

ऐमेज़ॉन में मैनेजर के पद पर कार्यरत  

Related Posts

यादों का सिलसिला- डॉ इंदु कुमारी

February 3, 2022

यादों का सिलसिला तेरी हसीन यादों का सिलसिला अमिट है धूमिल नहीं होने वाली प्रेम पौधे उगाने वालीदमकती चेहरे की

नी बखत री बात-मईनुदीन कोहरी”नाचीज़ “

February 3, 2022

नी बखत री बात धोरां री आ ” धरती , धीरज री धरा सांतरी । सोनै सी गोरी बाळू रेत

तू ही तू है- नाचीज़ बीकानेरी “

February 3, 2022

तू ही -तू है जमीं से फलक तक तू ही -तू है । दिल की धड़कनों में तू ही –

सूरज दादा- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

February 3, 2022

सूरज दादा सूरज दादा उठा के गठरी, चले कुम्भ के मेला में।बसन्त पंचमी नहा केआउँ,दिन बीता बहुत झमेला में।।लुका छिपी

ऊँचा हो गया कद लोगों का जमींन से-विजय लक्ष्मी पाण्डेय

February 3, 2022

ऊँचा हो गया कद लोगों का जमींन से ऊँचा हो गया कद लोगों का जमीन सेसुना है जमीनें बंजर पड़ी

मेरे यार फेसबुकिए-सिद्धार्थ गोरखपुरी

February 3, 2022

मेरे यार फेसबुकिए मेरे यार फेसबुकिए बता दो इस समय तुम हो कहाँमैंने तुम्हें ढूंढ रहा हूँयहाँ -वहाँ न जाने

Leave a Comment