Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

दाता भिखारी क्यों?

दाता भिखारी क्यों? कहां रह गई हैं कमी? क्यों मतदाता ही सरकारों के सामने भिखारी बने हुए हैं।क्या और कौन …


दाता भिखारी क्यों?

दाता भिखारी क्यों?

कहां रह गई हैं कमी? क्यों मतदाता ही सरकारों के सामने भिखारी बने हुए हैं।
क्या और कौन हैं हम?राजा महाराजा थे तब हम प्रजा थे,उनकी सभी बातें मानना,सख्त से सख्त कायदों को भी बिना आवाज किए मानना पड़ता था।बहुत सी कहानियां थी जब राजा महाराजा के प्रजालक्षी कामों का भी उल्लेख हैं और उनके द्वारा किये गये जुल्मों सितम का भी इतिहास के पन्नों में उल्लेख हैं।लेकिन आज हम स्वतंत्र हैं,लोकतंत्र में जी रहे हैं तब हम क्यों खरीदे और बेचे जाते हैं।एक बात आजकल बहुत प्रचलित हैं।कोई नेता एक गांव में गया और किसी अक्लमंद आदमी के घर पहुंचे ,बहुत ही चिकनी चुपड़ी बातें कर के उनको मत देने की बात कर १००० रूपिए दिए।उस सयाने आदमी ने कहा कि वह उन्हें जरूर मत देगा लेकिन उसे १००० रुपिए नहीं एक गधा चाहिए।नेताजी ने सोचा वह काफी मशहूर था गांव वालों के बीच में तो उसकी वजह से और भी मत मिल सकते थे।नेताजी ने अपने गुर्गों को १००० रुपए दिए दूडवाया और गधा लाने के लिए।कुछ देर बाद वे वापस आए और नेताजी से बोले कि गधा तो ५००० रूपियों का आता हैं न कि १००० रुपए का।अब उस सयाने बंदे ने नेताजी के सामने देख मूंछों में ही मुस्कुराया और बोला कि क्या मतदार गधे से भी गए गुजरे थे जो १००० रुपए में बिक जाएं ।
क्यों ये जो खुद दलबदल को अपना धर्म समझ ने वाले क्यों हमारी कीमत क्यों लगा लें? क्यों हमे बोले कि तुम इस धर्म के हो तो तुम्हे उस दल को मत देना होगा या तुम उस जाति वालों को के साथ मिल कर इस दल को जिताओगे।तुम्हारा एनालिसिस किया जाता हैं,राज्य के किस हिस्से में तुम्हारी संख्या ज्यादा हैं और तुम्हे पटाने के लिए कौनसे हथकंडे अपनाने हैं ये तय किया जाता हैं और वो भी कोई दफ्तर या मीटिंग में नहीं खुल्लेआम सोश्यल मीडिया में ,अनेक चर्चा प्रविणों के बीच में आपके सामने चर्चा भी होती हैं और छीछालेदर भी आपके सामने होती हैं।और वोही हम देख भी लेते हैं और सह भी लेते हैं। वहीं जूठे वचन , वादे पर एतबार भी कर लेते हैं।क्यों होता हैं ऐसा ,कहां से हम इतनी ताकत लाएं कि इन सब को हम समझें भी और इनका विरोध भी करें।ये तो सरेबाजार हम से ही हमारी कीमत लगाई जाती हैं जो कभी भी हमको मिलने वाली हैं ही नहीं।
कैसी हैं ये चुनाव प्रणाली जिस में मतदाताओं का चीर हरण होता हैं।एक मुर्गे या बकरे को कुर्बानी से पहले जांचा या देखा जाता हैं ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं।
तुम जाट हो ,तुम्हारे इस गांव में कितने घर ,घर में कितने सदस्य और कुल मिलाकर राज्य में तुम्हारी कितनी बस्ती उस हिसाब से तुम्हारी जात वालों को चुनावी टिकिट मिलेगा।तुम ब्राह्मण हो तो भी यही अनुपात रहेगा ।ऐसे ही धर्मनिरपेक्षता का खेल खेलने वाले ही धर्म धर्म का खेल खेल जायेंगे और फिर एकबार तुम को अपने ही देश,राज्य शहर,गांव और मोहल्लों में बांट जायेंगे।
गिनती तो तुम्हारी आर्थिक तरीके से भी होगी,तुम गरीब हो तो तुम्हे मत किसको देना हैं ये तुम्हारे मोहल्ले वाले छोटे से नेता तय करेगा जिसे कट मिला हैं तुम्हे छोटी से कोई भेंट रुपए,कंबल या दारु की बॉटल देने के लिए।पैसे वालें तो वैसे ही बड़े ठाठ से मतदान उन्हे करते हैं जिनकी वजह से उनके धंधे या काम में फायदा हुआ हो,चाहे वह दल देश के लिए हितकारी हो या न हो।और सब से ज्यादा वंछित हैं मध्यम वर्ग जो सिर्फ मतदाता की दुनियां का ४% ही हैं।उन्हे कम ही नापा तोला जाता हैं।क्योंकि वे दारु,कंबल आदि लेने के लिए शर्म करेंगे और उन्हों ने किसी भी सहाय दे सरकार ने कोई विशेष काम नहीं किया होता हैं।वहीं हैं जिसे नियम से आयकर देना पड़ता हैं।सब कुछ ही जिन्हे करना ही पड़ता हैं वह हैं मध्यम वर्ग।
अब समय आ गया हैं कि हम अपने मत के आयुध से अपनी लड़ाइयां लड़े और अपने हक की प्राप्ति करें।जो हमें विभाजित कर अपने राजकीय ध्येयों को हासिल कर अपनी दुकानें चलाते हैं उन्हे जवाब देने का।क्यों बीके या टूटे हम? जो भी धर्म हैं सबका अपना अपना उसीके सिद्धांतों पर चले,दूसरे के धर्म के प्रति मान रखें ,समभाव रखे,देश हित में सोचे तभी तो देश उन्नति करेगा।

जयश्री बिरमी


Related Posts

वो सुप्रभात संदेश जिसने झकझोरा | the good morning message that shook

June 13, 2023

वो सुप्रभात संदेश जिसने झकझोरा जैसी ही सुबह हुई सभी के सुप्रभात के संदेश देख अंतर्मन को एक तृप्ति सी

अखंड भारत – अविभाजित भारत की परिकल्पना

June 13, 2023

अखंड भारत – अविभाजित भारत की परिकल्पना नए संसद भवन में अखंड भारत के नक्शे नुमा म्युरल आर्ट को लेकर

दूसरों कि थाली का खाना पसंद

June 13, 2023

दूसरों कि थाली का खाना पसंद, दूसरों को भी आपकी थाली का खाना पसंद अरे-अरे क्यों नाराज़ होते अगर कोई

विश्व बालश्रम निषेध दिवस 12 जून 2023 पर विशेष

June 11, 2023

विश्व बालश्रम निषेध दिवस 12 जून 2023 पर विशेष – 17 वां वार्षिक वेबीनार आयोजित आओ बच्चों को बालश्रम की

बेस्ट सेक्स के लिए अच्छे हैं ये सुपर फूड और गोल्डन रूल्स

June 11, 2023

बेस्ट सेक्स के लिए अच्छे हैं ये सुपर फूड और गोल्डन रूल्स सेक्स और रोमांस वैवाहिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग

दूसरे देशों मे दी जाने वाली सज़ा पर जरा गौर फरमाए- लव जिहाद

June 11, 2023

दूसरे देशों मे दी जाने वाली सज़ा पर जरा गौर फरमाए- लव जिहाद आज बहुत ही गहरी सोच मे डूबी

PreviousNext

Leave a Comment