Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

दयावान बने!

दयावान बने! सोए हुए शेर के ऊपर चढ़ा चूहा,शेर उठा और हुआ आग बबूला,गुस्से में कहा, तुम्हें कौन बचाएगा,यह खूंखार …


दयावान बने!

दयावान बने!
सोए हुए शेर के ऊपर चढ़ा चूहा,
शेर उठा और हुआ आग बबूला,
गुस्से में कहा, तुम्हें कौन बचाएगा,
यह खूंखार शेर तुम्हें खा जाएगा!

चूहे ने शेर से की प्रार्थना,
कृपया मुझे मत मारना,
तुम्हारा एहसान में जरूर चुकाऊंगा,
हंसते हुए शेर ने व्यंग्य से कहा,
जाओ मुसीबत में मैं तुम्हें बुलाऊंगा!

कुछ दिन बाद शिकारी आए,
चारों तरफ जाल फैलाए,
शेर को जाल में कैद किया,
शेर ने चिल्लाकर आवाज दिया!

चूहा पहचाना शेर की आवाज,
कुतर के जाल को कर दिया आजाद,
शेर ने कहा चूहे से,
तुम नहीं होते अगर मेरे पास,
मेरे बच पाने की नहीं थी कोई आस!

किसी को उसके आकार से ना परखे,
करुणा भाव स्वयं में अवश्य रखें,
दया अपना इनाम ज़रूर लाती है,
जिंदगी हमें हर मोड़ पर आजमाती है!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

पड़ाव

April 30, 2022

पड़ाव ढल रही थी सांझ सी उम्र की लाली भीगहरी होती जा रही थी समझदारी की लकीरेंबालों में भी शुरू

स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं अमृत जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में कविता

April 30, 2022

स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं अमृत जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में कविता स्वतंत्रता दिवस की अमृत जयंती स्वतंत्रता दिवस की

कविता-प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही ज़रूरी

April 30, 2022

कविता-प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही ज़रूरी हर प्रशासकीय पद की ज़वाबदेही व्यवहारिक रूप से ज़रूरी है कागजों में दर्ज ज़वाबदेही को

प्रेम की महक आ गई-कविता

April 30, 2022

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात प्रेम की महक आ गई महफिलों की चाहत थी,तन्हाई वो निभा गई, साथ था

जीवन तथ्य!

April 27, 2022

जीवन तथ्य! बिखरने के बाद भीनिखरना एक अदा है,बिछड़ने के बाद भी,हम स्वयं के सदा हैं! खुशी हो या गम,जीना

वाह क्या किस्मत पाई है!

April 27, 2022

 वाह क्या किस्मत पाई है! रात रात भर जाग के, की उसने मेहनत ,  जीते बहुत से पुरस्कार और परिश्रम

PreviousNext

Leave a Comment