Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

तुम हमारी कामना – डॉ हरे कृष्ण मिश्र

तुम हमारी कामना संभावना से कौन करता ,कब कहां इनकार है ,प्रेम का परिणाम होगा ,दर्द का अभिशाप अपना।। शालीन …


तुम हमारी कामना

तुम हमारी कामना - डॉ हरे कृष्ण मिश्र
संभावना से कौन करता ,
कब कहां इनकार है ,
प्रेम का परिणाम होगा ,
दर्द का अभिशाप अपना।।

शालीन भरे जीवन में,
प्यार मधुर लेकर आयी ,
अतीत हमारा दूर नहीं है ,
विगत का एहसास बहुत है ।।

अतीत हमारा काव्य भूमि है,
जीवन का दर्पण निर्मल है ,
वर्तमान में चिंतन पर बैठा ,
स्वप्न में तुमसे दूर नहीं हूं ।।

याद तुम्हारी निर्मल जल सा,
दिख जाता शुचि दर्पण पर ,
प्यार बहुत मिलता आया है,
शेष स्मृतियां बची तुम्हारी ।।

वही सहारा मेरा अब तक ,
जीवन को है मिला बहाना ,
लिखने को कुछ दर्द मिला ,
गायन का सौभाग्य नहीं है ।।

अब बैठो मेरे पास यहां पर,
बहुत दूर से चलकर आया,
गीतों में केवल दर्द बचे हैं ,
पहले भी गाते थे मिलकर ।।

दूर नहीं तुम हुई है मुझसे ,
केवल मेरा स्वर्ग लूटा है ,
जीने का अधिकार कहां है
मिलन अंत में प्रेम कहा है ।।

जिंदगी मेरी उलझ गई है ,
सुलझाने का प्रयास नहीं है,
बैठा बैठा खुद ही अपनी,
उलझे को सुलझा लेता हूं ।।

बहुत दूर तक देख रहा हूं,
गंतव्य तुम्हारा कहीं नहीं है,
आशा की कोई डोर नहीं है,
जीवन का कोई छोर नहीं है।।

समय हमारा व्यक्तित्व तुम्हारा,
संबंध हमारे मधुर थे कितने,
पास पड़ोसी घुलमिल जाते थे
अपना भी पावन जीवन था ।।

रिश्ते नाते मिलते-जुलते ,
कहीं नहीं गिला शिकवा ,
अपनों से ही प्यार हमारा ,
गीत छंद सब अपने थे ।।

कहने को कोई कुछ कहता
मौन बना दर्शक हूं मैं,
अवसाद लिए बैठा दर पर,
भविष्य कामना मन में भर ।।

मौलिक रचना
डॉ हरे कृष्ण मिश्र
बोकारो स्टील सिटी

झारखंड।


Related Posts

Aye dil aao tumhe marham lga du

July 16, 2020

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है एक खूबसूरत रचना Aye dil aao tumhe marham lga du. तो पढिए और आनंद

Previous

Leave a Comment