Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

तुम देना साथ सदा-नंदिनी लहेजा

तुम देना साथ सदा। नन्हा सा अंकुर बन जब, मैं मातृगर्भ में आया। मेरे अस्तित्व को सींचा माँ ने, था …


तुम देना साथ सदा।

तुम देना साथ सदा-नंदिनी लहेजा
नन्हा सा अंकुर बन जब, मैं मातृगर्भ में आया।

मेरे अस्तित्व को सींचा माँ ने, था तेरी आशीष का साया।

नव महीने गर्भ की तपन में, मैं व्याकुल रहता था।
बस तेरा ही नाम सहारा,मुझे हर क्षण रहता था।
तुम देते थे साथ मेरा,बन रहमत मेरे दाता।
कहता था ना भूलूंगा तुम्हे,दो बाहर आना हूँ चाहता।
फिर जन्म ले आता इस जग में,मिलते अनेकों रिश्ते।
प्रेम स्नेह की छाया में,बीता बचपन मेरा हँसते।
तुम देते थे साथ मेरा,मात-पिता, शिक्षक के रूप में।
और कभी जो थक जाता ,बनते थे छाया, इस जगरूपी धूप में।
मिले मित्र अनेकों,फिर हमसफ़र,सोचा सब पा लिया।
मोह माया में फंस कर,मैं मूरख तुमको भूल गया।
भूल गया वो तेरा साथ ही था,जो सब कुछ जीवन में पाया।
लोभ,अभिमान,अहंकार के मद में,जीवन अपना गवाया।
आज बुढ़ापे की दहलीज़ पर, खड़ा तुमको मैं याद कर रहा।
तुम देना साथ सदा ,जैसे देते आये हो,यह प्रार्थना कर रहा।

नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित


Related Posts

सलोनी के कुसुम”- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

सलोनी के कुसुम” इंसान बेइन्तहा मजबूर दिखा,कुसुम सी बालिकाएं तीर्थ पर,बेंच रही पूजा का सामान छोली में।चेहरे पर मुस्कान बिखेरी

हवाओं से बात- डॉ. माध्वी बोरसे!

January 25, 2022

हवाओं से बात! सनन सनन सी हवा मैं सांस लेते हुए खुलकर, जीते हैं अपने सारे दुख गम को भूल

संगीत-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 25, 2022

संगीत! एक मधुर सी ध्वनि जब कानों में गुनगुनाती,मन को प्रसन्नता से भर जाती,योग की तरह होता है संगीत,हर एक

आभासी दुनियाँ- सरस्वती मल्लिक

January 25, 2022

आभासी दुनियाँ अद्भुत है बहुत ,यह आभासी दुनियाँप्यारी है बहुत ,जैसे सपनों की दुनियाँमित्र मिले यहाँ बहुत ,बनी नए रिश्तों

तू डोर मैं पतंग- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

तू डोर मैं पतंग ईश्वर के हाथों में जीवन डोर-हम पतंग जैसे उड़ रहे।खींचता और ढील देता विधाताहम नाचते अंहकार

देश के वीर सपूतों में वीरांगना- डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

देश के वीर सपूतों में वीरांगना वीरता की श्रृंखला में जुड़करप्रहरी बन आ रही है बहनाभाई हिम्मत नहीं है हारनाचल

Leave a Comment