Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

तबस्सुम| Tabassum

तबस्सुम तबस्सुम| Tabassum  एक ऐसी कलाकारा जिसको भूल पाना मुश्किल होगा,हालाकि वह उतनी मशहूर नहीं थी। न ही बिग बैनर …


तबस्सुम

तबस्सुम| Tabassum
तबस्सुम| Tabassum 

एक ऐसी कलाकारा जिसको भूल पाना मुश्किल होगा,हालाकि वह उतनी मशहूर नहीं थी। न ही बिग बैनर फिल्मों में ज्यादा आई थी फिर भी उसका एक स्थान था ,जो किसी ने नहीं पाया था।९ जुलाई १९४४ में अयोध्यानाथ सचदेव के घर पैदा हुई थी जो स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार भी थे।उनकी पत्नी का नाम असगरी बेगम जो तनवीर नाम की पत्रिका चलती थी। विजय गोविल(अरुण गोविल के बड़े भाई) से विवाहित तबस्सुम का एक बेटा भी हैं।तबस्सुम की फिल्मि जीवन यात्रा १९४७ से ही शुरू हो गई थी।तबस्सुम का नाम उनकी माता के धर्म को मान देने के लिए पिता द्वारा दिया गया था। वैसे तबस्सुम का नाम उनकी माता ने किरण बाला सचदेव रखा था। मझधार फिल्म के निर्माता सोहराब मोदी ने उन्हे देखा तो पसंद कर लिया था किंतु उनके पिता और माता की अनिच्छा होने की वजह से उन्होंने तगड़ी फीस मांगी थी,तो वे सहमत हो गए और उन्हें ये रोल करना ही पड़ा।ये फिल्म तो नाकामयाब हुई लेकिन दूसरी फिल्मों में तबस्सुम को रोल मिलने लगे।वह काफी मशहूर बाल कलाकार हो गई थी।बड़ी बहन, सरगम,दीवार,छोटी भाभी ,जोगन जैसी फिल्मों में काम किया। मोगल ए आजम में वह मधुबाला के बचपन का रोल किया था लेकिन बाद में हटा दिया गया था।वैसे उस जमाने की कई हिरोइनों के बचपन का रोल किया था।
लेकिन सबसे ज्यादा प्रसिद्धि दूरदर्शन की सीरियल फूल खिले गुलशन गुलशन से मिली थी।बहुत ही लोकचाहना इस सीरियल ने तबस्सुम की वजह से पाईं हैं।
मैंने भी बचपन में ’जोगन’ फिल्म देखी थी जिसमें नरगिस के साथ बच्ची ने कम किया था वह तबस्सुम ही थी।उनका एक संवाद अभी तक याद हैं,” छोटी सी जान इतने सारे काम’ बहुत ही लहज़े के साथ बोल रही थी।एक बार किसी ने उन्हे उनकी फिगर के बारे में पूछा तो बोली,” हम तो टेलीविजन के हिसाब से मेंटेन करते हैं!”इतनी मजाकिया स्वभाव की थी।७८ साल की आयु में दुनियां से विदा लेने वाली तबस्सुम को हमारी पीढ़ी कभी नहीं भूल पाएगी।

About author  

Jayshree birimi
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद (गुजरात)

Related Posts

International day of tolerance

November 16, 2022

आओ मिलकर सहिष्णुता के भाव को मज़बूत करें सहिष्णुता हमारी दुनिया की संस्कृतियों की समृद्ध विविधता, अभिव्यक्ति के रूपों और

सावधान हर वर्ग के लोग हो सकते हो हनी ट्रैप का शिकार

November 13, 2022

सावधान हर वर्ग के लोग हो सकते हो हनी ट्रैप का शिकार आनलाईन गेम़ के दौरान बीच-बीच में चैटिंग कि

आओ दयालुता का भाव अपनाने का संकल्प करें|Let’s resolve to embrace kindness

November 13, 2022

आओ दयालुता का भाव अपनाने का संकल्प करें|Let’s resolve to embrace kindness प्रत्येक व्यक्ति को अद्वितीय मानव सिद्धांतों में से

अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023 का आगाज़ – 5 दिसंबर 2022 को प्रीलॉन्च

November 13, 2022

भारत की गाथा अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023 का आगाज़ – 5 दिसंबर 2022 को प्रीलॉन्च  मोटा अनाज पोषण तत्वों

व्यंग्य कविता-मेरे पास टाइम नहीं| I mere pas time nahi

November 13, 2022

व्यंग्य कविता-मेरे पास टाइम नहीं मेरे पास पचासों काम रहते है तुम्हारे समान खाली हूं क्या मैं बहुत बिजी रहता

14 नवम्बर बाल दिवस विशेष| children day special

November 13, 2022

बच्चों को सिखाया जाना चाहिए कि कैसे सोचना है, न कि क्या सोचना है? आज के भारतीय परिपेक्ष्य में जब

Leave a Comment