Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

डॉ. मुल्ला आदम अली का बाल कहानी संग्रह ‘नन्हा सिपाही’: एक विस्तृत समीक्षा

डॉ. मुल्ला आदम अली का बाल कहानी संग्रह ‘नन्हा सिपाही’ बाल मन की संवेदनाओं, जिज्ञासा और सपनों से जुड़ी कहानियों …


डॉ. मुल्ला आदम अली का बाल कहानी संग्रह ‘नन्हा सिपाही’ बाल मन की संवेदनाओं, जिज्ञासा और सपनों से जुड़ी कहानियों का मनमोहक संसार प्रस्तुत करता है। इस पुस्तक में संकलित इक्कीस कहानियाँ बच्चों के मनोरंजन के साथ-साथ उन्हें सच्चाई, साहस, करुणा, पर्यावरण प्रेम, देशभक्ति और मानवीय मूल्यों का सुंदर संदेश देती हैं। लेखक ने बाल साहित्य की मूल विशेषताओं—सरल भाषा, छोटे वाक्य, सीमित आकार और सहज शैली—का पूरा ध्यान रखा है। कहानियाँ न तो उपदेशात्मक लगती हैं और न ही बोझिल; वे सहजता से बच्चों के हृदय में उतरती हैं और उनके अनुभव-विश्व से जुड़ती चली जाती हैं।

इस संग्रह की बड़ी विशेषता इसका नया शिल्प है, जिसमें कहानियों की शुरुआत छोटे-छोटे दृश्य और संवादों से होती है, मानो एकांकी नाटक प्रारंभ हो रहा हो, और फिर वही कथा आगे चलकर कहानी की रूपरेखा में ढल जाती है। यह प्रयोग पाठकों—विशेषकर बच्चों—को कहानी के भीतर खींच लेता है और पढ़ते रहने के लिए उत्साहित करता है। विषय-वस्तु की दृष्टि से भी पुस्तक बहुविधता से भरी है। ‘सच्चाई की जीत’, ‘सच्चाई का इनाम’ और ‘चोरी की सजा’ जैसी कहानियाँ नैतिक मूल्यों का संदेश देती हैं; ‘नन्हा सिपाही’ और ‘वीर साहिल और तिरंगे की शक्ति’ देशभक्ति की भावना जागृत करती हैं; ‘पेड़ की पुकार’, ‘घोंसला’ और ‘जंगल के सच्चे दोस्त’ पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदना उत्पन्न करते हैं। ‘रोबोट और खुशी की खोज’, ‘चिंकी और जादुई पेन’ जैसी रचनाएँ कल्पना, विज्ञान और रोमांच के माध्यम से बाल मन को नई उड़ान देती हैं। ‘फटे कपड़े की मुस्कान’ और ‘हामिद की सच्ची ईद’ जैसी कहानियाँ आत्मसम्मान, संवेदनशीलता और साझा खुशी के महत्व को हृदयस्पर्शी ढंग से अभिव्यक्त करती हैं।

डॉ. मुल्ला आदम अली की भाषा स्वच्छ, सरस और बालस्वभाव के अनुकूल है। उनके यहाँ बालक केवल कहानी के पात्र नहीं, बल्कि जीवंत व्यक्तित्व बनकर सामने आते हैं, जो गलती भी करते हैं, सीखते भी हैं और आगे बढ़ते भी हैं। लेखक बाल मन की मासूमियत, जिज्ञासा और सपनों को बहुत सहजता से पकड़ते हैं। यही कारण है कि पुस्तक की प्रत्येक कहानी पाठक को कहीं न कहीं स्वयं से जोड़ लेती है। यह संग्रह बच्चों के लिए मनोरंजक पाठ्य सामग्री तो है ही, साथ ही अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी उपयोगी है, क्योंकि इसमें निहित मूल्य बच्चों के चरित्र-निर्माण में सहायक हो सकते हैं।

समग्र रूप से ‘नन्हा सिपाही’ बाल साहित्य में एक सार्थक और आश्वस्त करने वाली कृति के रूप में स्थापित होती है। इसमें मनोरंजन और शिक्षा का संतुलन है, भाषा की सरलता है और नए शिल्प का प्रयोग भी। यह पुस्तक बाल पाठकों के हाथ में पहुँचकर केवल कहानी-संग्रह नहीं रहती, बल्कि जीवन के छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सन्देश देने वाली मित्र पुस्तक बन जाती है। डॉ. मुल्ला आदम अली इस रचना के माध्यम से एक संवेदनशील और प्रयोगशील बाल साहित्यकार के रूप में अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराते हैं।

पुस्तक विवरण;

पुस्तक का नाम: नन्हा सिपाही
लेखक: डॉ. मुल्ला आदम अली
आईएसबीएन: 978-93-92824-47-0
संस्करण: 2025
प्रकाशक: विवेक पब्लिशिंग हाउस, जयपुर,
पुस्तक मंगवाने के लिए कॉल करें: +9983340698
श्रेणी: बाल कहानी संग्रह
मूल्य 200 ₹


Related Posts

Vartman Gujrat ka RajKaran by Jay Shree birmi

September 30, 2021

 वर्तमान गुजरात का राजकारण एक ही रात में गुजरात  के मुख्यमंत्री श्रीमान रुपाणी का राजत्याग करना थोड़ा आश्चर्यजनक  था किंतु

Aap beeti by Sudhir Srivastava

September 30, 2021

 आपबीतीपक्षाघात बना वरदान        सुनने में अजीब लग रहा है किंतु बहुत बार जीवन में ऐसा कुछ हो

Dekhein pahle deshhit by Jayshree birmi

September 29, 2021

 देखें पहले देशहित हम किसी भी संस्था या किसी से भी अपनी मांगे मनवाना चाहते हैं, तब विरोध कर अपनी

Saari the great by Jay shree birmi

September 25, 2021

 साड़ी द ग्रेट  कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक वीडियो खूब वायरल हो रहा हैं।दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में

Dard a twacha by Jayshree birmi

September 24, 2021

 दर्द–ए–त्वचा जैसे सभी के कद अलग अलग होते हैं,कोई लंबा तो कोई छोटा,कोई पतला तो कोई मोटा वैसे भी त्वचा

Sagarbha stree ke aahar Bihar by Jay shree birmi

September 23, 2021

 सगर्भा स्त्री के आहार विहार दुनियां के सभी देशों में गर्भवती महिलाओं का विशेष ख्याल रखा जाता हैं। जाहेर वाहनों

Leave a Comment